बरेली। रोडवेज के तत्कालीन सेवा प्रबंधन धनजीराम अब वर्कशॉप में आईटीआई प्रशिक्षितों की संविदा पर भर्ती के मामले में फंस गए हैं। निलंबन से पहले उन्होंने बिना किसी नोटिस के इन कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। अब सेवा प्रबंधक कार्यालय के चक्कर लगा रहे कर्मचारियों ने रुपये लेकर भर्ती करने का आरोप लगाया है।
धनजीराम के कार्यकाल में वर्कशॉप में 40 आईटीआई प्रशिक्षितों की संविदा पर भर्ती की गई थी। आरोप है कि भर्ती के दौरान उनसे 20 से 50 हजार रुपये तक वसूले गए। तीन-चार माह काम कराने के बाद नोटिस दिए बिना ही उनको नौकरी से निकाल दिया गया। आरएम दीपक चौधरी ने कहा कि सेवा प्रबंधक ही इस बारे में बता सकते हैं। मौजूदा सेवा प्रबंधक अजीम को कई बार कॉल और मेसेज किया गया, पर उनका कोई जवाब नहीं आया।
बसों की मरम्मत में हुए घोटाले में पाए गए हैं दोषी
रोडवेज बसों में मरम्मत के नाम पर किए गए घोटाले में सेवा प्रबंधक धनजी राम, बरेली डिपो के एआरएम संजीव श्रीवास्तव, रुहेलखंड डिपो के एआरएम अरुण वाजपेयी और पीलीभीत डिपो के एआरएम पावन श्रीवास्तव समेत 13 लोग दोषी पाए गए थे। इनमें लेखाकार और फोरमैन भी शामिल हैं, लेकिन अब तक धनजी राम को ही निलंबित किया गया है। गड़बड़ी व भ्रष्टाचार के अन्य आरोपी अपने पदों पर काम कर रहे हैं। संवाद