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अनिवार्य हुआ खिलाड़ियों का डोप टेस्ट

Wed, 24 Aug 2016 01:14 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने क्रास कंट्री और एथलेटिक्स की स्पर्धाओं में शामिल होने वाले खिलाड़ियों के लिए डोप टेस्ट अनिवार्य कर दिया है। खिलाड़ियों को भेजने से पहले कालेजों को उनका डोप टेस्ट कराना होगा और सर्टिफिकेट भी देना पड़ेगा। इसके बाद खेलों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले खिलाड़ियों का डोप टेस्ट विश्वविद्यालय खुद कराएगा।
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यह निर्णय विश्वविद्यालय की क्रीड़ा परिषद ने मंगलवार को लिया। परिषद की बैठक में मौजूद कई कालेजों के क्रीड़ा अधिकारियों ने डोप टेस्ट के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध न होने की बात कहकर निर्णय पर आपत्ति दर्ज कराई। कुछ ने कहा कि इसके लिए चिकित्सीय टीम नहीं मिल पाएगी लेकिन परिषद के सचिव प्रो. एके जेटली ने उनके तर्क को खारिज कर दिया। कहा कि जरूरत पड़ने पर विश्वविद्यालय इसके लिए ट्रेनिंग देने को भी तैयार है लेकिन डोप टेस्ट से खेलों में पारदर्शिता रहेगी इसलिए यह कदम उठाना जरूरी है। परिषद ने डोप टेस्ट में फेल होने वाले खिलाड़ी पर कार्रवाई का नियम भी बना दिया। तय किया गया कि ऐसे खिलाड़ी को चार साल के लिए ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। वह जिस कालेज का है, उसको भी विश्वविद्यालय खेलों से दो साल के लिए डिबार किया जाएगा और उसके प्रिंसिपल को चेतावनी मिलेगी। क्रीड़ा परिषद की बैठक कुलपति प्रो. मुशाहिद हुसैन की अध्यक्षता में हुई। इसमें विश्वविद्यालय में नेशनल स्तरीय सुविधाओं वाले स्वीमिंग पूल की स्थापना और इंडियन यूनिवर्सिटी टीम में प्रतिभागिता के साथ ही एआईयू के नियमों के पालन के निर्णय पर भी मुहर लगाई गई। क्रीड़ा परिषद ने सेपक टाकरा को भी विश्वविद्यालय खेलों की लिस्ट में शामिल करने के साथ जुगल पीजी कालेज संभल में योगा गेम्स कराने की सहमति भी दे दी। उपाध्यक्ष कुलसचिव डॉ. साहिब लाल मौर्य के अलावा विश्वविद्यालय से संबद्ध लगभग 85 कालेजों के क्रीड़ाधिकारी और प्राचार्य भी मौजूद रहे।

इंसेट...

कालेजों में बनेगा गेम सेंटर
खेलकूद की गतिविधियां बढ़ाने के लिए क्रीड़ा परिषद ने कालेजों में गेम सेंटर बनाने को प्रोत्साहन की नीति बनाई है। तय हुआ जो कालेज चाहें, वे सेंटर स्थापित कर सकते हैं। उनके लिए विश्वविद्यालय सुविधाओं में सहयोग करेगा। इन सेंटरों के जरिए कालेज साल भर तक खेलकूद गतिविधियां करा सकेंगे।
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कालेजों को 10 टीमें भेजनी होंगी
विश्वविद्यालय से खेल आवंटित कालेजों को खेलों में अब साल भर में 10 टीमें अनिवार्य रूप से भेजनी होंगी। वरना उनको दो साल के लिए खेल आवंटित नहीं किए जाएंगे। गैरआवंटित कालेजों को साल भर में पांच टीमें भेजने का नियम बनाया गया है।


मेडल पाने वालों की पुरस्कार राशि बढ़ेगी
क्रीड़ा परिषद ने क्रीड़ा समिति में लिए गए मेडल विजेताओं को पुरस्कार राशि बढ़ाने के निर्णय पर सुझाव मांगे हैं। समिति ने पुरस्कार राशि 15, 10 और सात हजार तक बढ़ाने की संस्तुति की थी लेकिन परिषद की बैठक में गोल्ड मेडल जीतने वालों को 51 हजार, सिल्वर मेडल वालों को 35 हजार और ब्राउन मेडल जीतने वालों को 25 हजार रुपये पुरस्कार राशि करने पर विचार हुआ। इस पर सुझाव मांगकर निर्णय लेने की बात तय हुई।


खेलों को प्रायोजित कराया जा सकेगा
क्रीड़ा परिषद ने विश्वविद्यालय के खेलों को प्रायोजित कराने का प्रस्ताव भी पास कर दिया। तय हुआ कि खेलों के लिए निजी कंपनियां प्रायोजित करा सकेंगी, इसके लिए मिलने वाली धनराशि को खेलों के प्रोत्साहन के लिए खर्च किया जाएगा।




कोट...
नेशनल और इंटरनेशनल खेलों में डोपिंग के कई मामले सामने आ चुके हैं। हमारी यूनिवर्सिटी की टीमें भी आगे बढ़कर नेशनल स्तर पर खेलने जाती हैं, वहां डोप टेस्ट में कोई खिलाड़ी पकड़ा जाए, उससे पहले ही हम अपने स्तर से प्रत्येक खिलाड़ी का डोप टेस्ट कराकर भेजेंगे ताकि नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर हमारे खिलाड़ियों की साख बनी रहे। इसके साथ ही इस कदम से हमारे खेलों में पारदर्शिता भी बनी रहेगी।
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-प्रो. एके जेटली, सचिव क्रीड़ा परिषद, रुहेलखंड विवि
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