बरेली। जिले में सामूहिक विवाह के लिए छह करोड़ रुपये के टेंडर में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराई, जिसमें फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने टेंडर को निरस्त कर दिया है और अब नए सिरे से निविदाएं आमंत्रित की गई हैं।
समाज कल्याण विभाग ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1452 सामूहिक विवाह कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इन आयोजनों के लिए मई माह में टेंडर आमंत्रित किए गए थे। कुल छह करोड़ रुपये के दो अलग-अलग टेंडर जारी किए गए। पहला टेंडर उपहारों की खरीद के लिए था, जिसकी लागत करीब तीन करोड़ रुपये थी। इसमें 11 फर्मों ने प्रतिभाग किया था। दूसरा टेंडर टेंट और भोजन व्यवस्था के लिए था, जिसकी लागत भी करीब तीन करोड़ रुपये थी। इस दूसरे टेंडर में पांच फर्मों ने हिस्सा लिया था। दोनों टेंडरों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद प्रशासन ने इन्हें निरस्त कर दिया।
उपहारों के टेंडर में एक फर्म ने अनिवार्य शपथ पत्र जमा नहीं किया। उसने यह अभिलेख न तो कार्यालय में दिया और न ही ऑनलाइन अपलोड किया। इस अनियमितता के कारण उसका टेंडर रद्द कर दिया गया। वहीं, टेंट और भोजन व्यवस्था के टेंडर में एक फर्म ने फर्जी वर्क ऑर्डर और टर्नओवर दिखाया, जिसकी बैलेंस शीट में भी गड़बड़ियां मिलीं।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह को टेंडर प्रक्रिया में गलत प्रमाण और झूठे साक्ष्य प्रस्तुत करने की शिकायत मिली थी। उन्होंने तत्काल अपर जिलाधिकारी न्यायिक, अपर जिलाधिकारी सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट की तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई। कमेटी ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट सोमवार को जिलाधिकारी को सौंप दी। रिपोर्ट में अनियमितताएं पाए जाने के बाद जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने टेंडर रद्द कर नए सिरे से निविदाएं जारी करने का निर्णय लिया।
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वर्जन ...
शिकायत के आधार पर टेंडर की जांच कराई गई। अनियमितता पाए जाने पर टेंडर को निरस्त कर दिया गया है। अब पुन: टेंडर कराया जाएगा।
-अविनाश सिंह, जिलाधिकारी।