बरेली। आगरा की बंसल मेडिकल एजेंसी, हे मां व अन्य स्टॉकिस्ट से नकली दवाओं का कारोबार करने वाले जिले के 19 थोक विक्रेताओं पर शिकंजा कसता जा रहा है। आठ फर्मों के विरुद्ध जांच पूरी हो गई है। पिछले दिनों इनमें से चार के विरुद्ध कार्रवाई भी हुई है। अन्य चार फर्मों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए सहायक आयुक्त को रिपोर्ट भेजी है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन इनके लाइसेंस निलंबित कर खरीद-बिक्री प्रतिबंधित करने की तैयारी में है।
औषधि निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि आगरा में जिन थोक कारोबारियों के विरुद्ध कार्रवाई हुई है, वे टॉरेंट, सनफार्मा, ग्लेनमार्क, सनोफी आदि कंपनियों के नाम से नकली दवाएं बेच रहे थे। हैप्पी मेडिकोज, गुनिना फार्मास्युटिकल्स, हेल्थ फार्मास्युटिकल्स, जय बाबा की फार्मा, बरेली फार्मा व अन्य कई थोक विक्रेताओं के यहां से काफी मात्रा में संदिग्ध दवाएं मिली हैं।
औषधि निरीक्षक अनामिका जैन के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में साबित हो चुका है कि इन लोगों ने आगरा से इन दवाओं की खेप मंगाई थी। सितंबर में गुनिना फार्मास्युटिकल्स से ऑगमेंटिन, एलेग्रा 120 एमजी और कायमोरल फोर्ट समेत कई दवाएं बरामद हुई थीं। हैप्पी मेडिकोज से 30 तरह की दवाएं मिली थीं। जय बाबा की फार्मा के यहां से ओडाॅक्सिल, एसिलॉक एवं अन्य दवाओं की 30 हजार से अधिक गोलियां मिली हैं। इनमें से कुछ दवाएं नकली तो कुछ संदिग्ध हैं। संवाद
जिन थोक कारोबारियों के यहां कमियां मिली हैँ, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। कुछ अन्य फर्मों ने भी दवाओं की खरीद-बिक्री में गड़बड़ी की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर उनके विरुद्ध भी कार्रवाई करेंगे। - संदीप कुमार, सहायक आयुक्त औषधि