बरेली। सिंचाई, पर्यटन विकास निगम, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की ओर से एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से कराए जा रहे 18 विकास कार्यों की जांच डीएम के आदेश पर शुक्रवार से शुरू हो गई। डीएम ने एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की चार परियोजनाओं की जांच डीपीआरओ कमल किशोर ने शुक्रवार को की। बताया कि काम की गुणवत्ता ठीक मिली है, लेकिन अभी कार्य अधूरे हैं। रिछौला ताराचंद के श्रीसुखराम धाम में 1.09 करोड़ और अहिच्छत्र रामनगर/आगरा सागर ताल जगन्नाथपुर का 1.49 करोड़ से हो रहे निर्माण, कैंट स्थित धोपेश्वरनाथ मंदिर में 1.59 करोड़, बिथरी चैनपुर में भीठानाथ मंदिर में 2.21 करोड़ रुपये से कराए जा रहे कामों की भी जांच की है। सिंचाई विभाग के सर्वाधिक नौ कार्यों की गुणवत्ता की जांच के लिए डीएम ने उपायुक्त मनरेगा, अधिशासी अभियंता नलकूप खंड-द्वितीय और उप कृषि निदेशक को लगाया है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मल्हपुर बहेड़ी, दमखोदा के रिछा, मझगवां के फुलासी, रामनगर व क्यारा में एकेडमिक ब्लॉक व छात्रावास भवन बन रहे हैं। प्रत्येक स्कूल में 4.17 करोड़ से काम कराए जा रहे हैं। गुणवत्ता परखने के जिम्मेदारी पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, पैक्सपैड के अधिशासी अभियंता व डीआईओएस को दी है। संवाद