बरेली। नवाबगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत चुनुआ ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में जांच प्राविधिक परीक्षक, टीएसी ने लाखों का घोटाला सार्वजनिक कर दिया है। अब इस मामले में उत्तरदायी लोगों से क्षतिपूर्ति की धनराशि वसूलने और अन्य कार्रवाई के लिए प्राविधिक परीक्षक टीएसी (तकनीकी सलाहकार समिति) ने रिपोर्ट संयुक्त विकास आयुक्त को सौंपी है। उधर, संयुक्त विकास आयुक्त ने जांच में दोषी मिले लोगों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शुक्रवार को आयुक्त ग्राम विकास को टीएसी की जांच के लिए रिपोर्ट उपलब्ध कराई है।
ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में गड़बड़ी और धनराशि के गबन में प्रधान हेतराम, पंचायत सचिव भगवानदास व रचित अग्रवाल, तकनीकी सहायक सैय्यद अजामत, कंसल्टिंग ऑर्किटेक्ट संजय गंगवार, अवर अभियंता लघु सिंचाई हर्ष वर्धन भी कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। जांच टीम ने इनके विरुद्ध गबन की धनराशि तय करते हुए रिकवरी की संस्तुति कर दी है।
टीएसी की जांच में पाया गया है कि ग्राम पंचायत चुनुआ में नहर की साइड पटरी पर कुल 7.17 लाख लागत के मिट्टी कार्य के लिए तकनीकी सहायक ने नियम विरुद्ध टुकड़ों में चार एस्टीमेट बनाए थे। यही नहीं, गांव की एक गली को पक्का कर सीसी रोड बनाने के कार्य को टुकड़ों में बांट दिया गया, जिसमें नियम विरुद्ध तीन एस्टीमेट बनाए गए थे। इसमें छेदालाल के घर से ज्ञानचंद्र के घर तक सीसी रोड व नाली बनाने में 17,942 रुपये की घपलेबाजी हुई। शंकरलाल के घर से छेदालाल के घर तक सीसी रोड व नाली बनाने में 34,182 रुपये का गोलमाल हुआ है।
मेन रोड से शंकर लाल के घर तक इसी कार्य में 22,264 रुपये का घपला मिला है। इस तरह सीसी रोड व नाली बनाने के कार्य में पंचायत सचिव मो. अमजद व अवर अभियंता लघु सिंचाई हर्ष वर्धन, प्रधान हेतराम ने मिलकर कुल 74,388 रुपये का गबन किया है। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय में फर्नीचर खरीद में गड़बड़ी पाई गई है। टीएसी ने सामग्री आपूर्ति नियम का पालन नहीं करना बताया है। संवाद
इन कार्यों में भी घोटाले की पुष्टि
- बेनीराम के घर से पप्पू के घर तक सीसी रोड व नाली बनाने में 48,413 रुपये।
- ओम प्रकाश के घर से फूलचंद के घर तक इंटरलॉकिंग बनाने में 3,975 रुपये।
- ओम प्रकाश के घर से सियाराम के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य में 3,918 रुपये।- रामपाल के घर से घनश्याम के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य में 3,304 रुपये।
- लालता प्रसाद की जगह से सोमपाल मौर्य के घर तक सीसी रोड व नाली कार्य में 20,825 रुपये।
तालाब को अमृत सरोवर बनाने में भी झोल
टीएसी की जांच में पाया गया है कि चुनुआ गांव में अमृत सरोवर बनाने में 6.98 लाख रुपये खर्च हुए हैं। नियम के मुताबिक, अमृत सरोवर वाले तालाब का क्षेत्रफल एक एकड़ होना चाहिए, जबकि मौके पर जलमग्न भूमि का क्षेत्रफल 0.367 हेक्टेयर मिला। तालाब के क्षेत्रफल के कुछ हिस्से पर अतिक्रमण भी है। इस सबके लिए जांच टीम ने पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, प्रधान को जिम्मेदारी ठहराया है।
डालचंद का शौचालय बना नहीं, रुपये निकल गए
स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव में बनाए गए शौचालय भी टीएसी की जांच में अधूरे मिले हैं। राकेश पुत्र झाझन के शौचालय में स्लेब नहीं पड़ा है, न ही दरवाजा लगा है। महेश पाल व मुन्नी देवी पति-पत्नी हैं लेकिन, इनको अलग-अलग शौचालय स्वीकृत किया गया है। डालचंद्र के नाम 12 हजार रुपये खाते से निकल चुके हैं लेकिन, इनका शौचालय नहीं बना है।