बरेली। एंटी करप्शन टीम पर पिछली साल दलालों से सेटिंग कर कार्रवाई का आरोप लगा था, अब पचास हजार रुपये की रिश्वतखोरी मांगने में जेल भेजे गए दरोगा दीपचंद की पत्नी ने गंभीर आरोप लगाकर एसएसपी से शिकायत की है। एसएसपी ने तीन अधिकारियों की जांच कमेटी बना दी है, इसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई तय होगी।
बरेली की भुड़िया कॉलोनी चौकी के प्रभारी दीपचंद को एंटी करप्शन बरेली की टीम ने चौकी में ही 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा दिखाया था। अगले दिन मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया। आरोप था कि पिता और तीन बेटों को मारपीट के मामले में गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर 50 हजार रुपये लिए गए थे। दीपचंद ने उस समय खुद को बेगुनाह और अपने खिलाफ साजिश बताया था। अब दीपचंद की पत्नी गुंजन ने एसएसपी अनुराग आर्य से मिलकर शिकायत की कि उनके पति को जानबूझकर फंसाया गया था। एसएसपी ने एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा, एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा व सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव को मामले की जांच सौंप दी है। तीनों अधिकारियों से संयुक्त जांच रिपोर्ट तलब की है।
दरोगा की पत्नी ने ये उठाए सवाल
गुंजन ने एसएसपी को बताया कि शाम के वक्त जब उनके पति को टीम ने गिरफ्तार दिखाया था तो पति के पास चौकी में कई ग्रामीण अपनी समस्या निस्तारण के लिए बैठे हुए थे। ऐसे में इतने लोगों के बीच वह पचास हजार रुपये की रिश्वत लेकर किस तरह दराज में रख सकते थे। बताया कि टीम ने कार्रवाई से पहले चौकी के एक सिपाही को गाड़ी में बैठा रखा था और उत्तराखंड सीमा में ले गई थी। आरोप लगाया कि उस सिपाही को ही टीम ने रुपये उनके पति की मेज की दराज में रखने को सौंपे थे। वहीं यह भी आरोप लगाया कि कैंट थाना क्षेत्र में तैनाती के दौरान उनके पति ने एक महिला को जेल भेजा था। महिला को हिरासत में लेने के दौरान एंटी करप्शन टीम के सदस्य ने कॉल करके छोड़ने की सिफारिश की थी। उनके पति ने बात नहीं मानी जिसका बदला चुकाया गया है। ब्यूरो
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- दरोगा दीपचंद की पत्नी ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सर्विलांस व अन्य स्रोत से इनकी निष्पक्ष जांच कराने के लिए तीन अधिकारियों की कमेटी बनाई है। यह कमेटी जो रिपोर्ट देगी, उसे शासन को भेजा जाएगा। - अनुराग आर्य, एसएसपी