फर्जी प्रमाणपत्रों की संख्या 233 पहुंची, कार्रवाई के लिए मंथन कर रहे अधिकारी
25 अन्य प्रमाणपत्र दूसरे जिलों और प्रांतों के निकले, वहीं से होगा सत्यापन
बरेली। पंचकूला से जुड़े मामले में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने में फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आ गया है। जिले में 33 जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र और फर्जी मिले है। अब यह संख्या 233 पहुंच गई है। चूंकि पंचकूला में पहले से ही रिपोर्ट दर्ज है, इसलिए कार्रवाई के तरीके को लेकर अधिकारी मंथन कर रहे है।
पंचकूला व हापुड़ में फर्जी प्रमाणपत्र गिरोह के बाद मामले दर्ज हुए तो उनकी आंच बरेली तक पहुंची है। पंचकूला पुलिस ने गिरोह के बनाए हुए 258 प्रमाणपत्र जांच के लिए बरेली एसएसपी को भेजे थे। इनमें एसपी क्राइम के नेतृत्व में साइबर थाना पुलिस जांच कर रही है। इनमें से 200 प्रमाणपत्र सीएमओ कार्यालय और 33 जिले की अलग-अलग नगर पंचायत, खंड विकास कार्यालय को सत्यापन के लिए भेजे गए जहां से इन्हें निर्गत कराने का जिक्र लिखा हुआ है। इन सभी के फर्जी होने की रिपोर्ट आने पर साइबर थाने से उसे एसपी क्राइम को भेज दिया गया है। जबकि 25 मामले बदायूं, रामपुर, पानीपत और बिहार से संबंधित होने के कारण सत्यापन को वहां भेजे गए हैं। इन 25 मामलों में कार्रवाई संबंधित राज्यों व जिलों से ही की जाएगी। अमर उजाला ब्यूरो
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- साइबर थाना पुलिस ने जांच पूरी करके दी है। इस मामले में अभी उच्चाधिकारियों से बातचीत करके कार्रवाई के तरीके पर विचार किया जा रहा है। चूंकि दूसरी जगह रिपोर्ट दर्ज पहले से है तो यहां अलग से रिपोर्ट दर्ज की जाएगी या और कोई और विकल्प निकाला जाएगा, इस पर मंथन हो रहा है। जल्द ही निर्णय ले लिया जाएगा। - मुकेश प्रताप सिंह, एसपी क्राइम