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Bareilly News: जांच में खुली जेलकर्मियों की लापरवाही की पोल

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बरेली। सेंट्रल जेल से कैदी दिनेश को भागने का मौका इसलिए मिला, क्योंकि कैदियों की निगरानी में लगाए गए सुरक्षाकर्मी अपने-अपने मोबाइल फोन पर रील देखने में मशगूल थे। डीआईजी जेल की प्राथमिक जांच में इसका खुलासा हुआ है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही जेल अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई है।
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घटना की जानकारी के बाद जेल के फार्म पहुंचे डीआईजी जेल कुंतल किशोर ने घटना के दौरान मौजूद रहे सुरक्षाकर्मियों से बात की। सूत्रों के मुताबिक, तब उन्होंने तरह-तरह के बहाने बनाए और खुद को बेकसूर ठहराने की कोशिश की। इस कृषि कार्य को कराने के लिए जिम्मेदार जेल अधिकारियों के बयान भी लीपापोती वाले ही थे। जब दिनेश के साथ कार्य कर रहे अन्य कैदियों से बात की गई तो लापरवाही की परतें खुलीं।
पता चला कि सभी जेल वार्डर व अन्य कर्मी कैदियों को मूंग की कटाई के काम में लगाने के तुरंत बाद ही अपने-अपने फोन में व्यस्त हो गए। अधिकतर कर्मचारी सोशल मीडिया अकाउंट्स व यूट्यूब पर रील देखकर टाइम पास कर रहे थे। कुछ कैदियों ने तो यहां तक बताया कि उन लोगों के मन में कभी भागने का भाव नहीं आया, वरना जिस तरह का माहौल होता है वह भी आसानी से पांच फुट की दीवार कूदकर भाग सकते हैं। डीआईजी ने प्राथमिक रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी तो डीजी जेल पीसी मीणा ने कार्रवाई कर दी।
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पुलिसकर्मियों पर एसएसपी करेंगे कार्रवाई
प्राथमिक जांच में पुष्टि हुई कि जेल के सुरक्षाकर्मी व कर्मचारी निगरानी के बजाय मोबाइल फोन पर रील देख रहे थे। इस तरह के सात जेल कर्मियों को वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने निलंबित किया है। निगरानी के लिए जिम्मेदार जेलर व डिप्टी जेलर को डीजी जेल ने निलंबित करने का आदेश दिया है। सभी की विभागीय जांच कराई जाएगी। मौके पर दो या तीन पुलिसकर्मी भी तैनात थे, जिनकी रिपोर्ट एसएसपी को भेजी गई है। उन पर वहीं से कार्रवाई की जाएगी। - कुंतल किशोर, डीआईजी जेल
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