बरेली। देव प्राइमस अस्पताल प्रबंधन ने आयुष्मान मरीजों से वसूली के मामले में संलिप्तता बताकर मैनेजर डॉ. शाहिद और कोऑर्डिनेटर प्रगति श्रीवास्तव को सेवामुक्त कर दिया है। जांच अधिकारी ने प्रकरण की बिंदुवार जांच के बाद रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है। अब कार्रवाई का इंतजार है।
अस्पताल के एमडी ने बीते दिनों मंडलायुक्त और सीएमओ को पत्र भेजकर अस्पताल में आयुष्मान मरीजों से वसूली, मरीजों पर दबाव बनाने, एंबुलेंस से सांठगांठ समेत अन्य गंभीर आरोप लगाए थे। सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. राकेश कुमार के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए थे।
अस्पताल के डॉ. अनिमेष की डिग्री संदिग्ध मिलने पर उनसे जवाब मांगा गया है। आयुष्मान मरीजों से वसूली के मामले में प्रबंधन ने मैनेजर और कोऑर्डिनेटर को हटाए जाने की जानकारी दी है।
एंबुलेंस से पूर्व में भर्ती हुए मरीजों से बातचीत में आरोप निराधार मिले। स्टाफ पर दबाव बनाने के मामले में भी मैनेजर और कोऑर्डिनेटर की भूमिका मिलने की बात प्रबंधन ने कुबूली। आईजीआरएस शिकायत पर रुपये लौटाने की जानकारी दी। जांच अधिकारी ने बताया कि कार्रवाई की संस्तुति के साथ रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है।