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Bareilly News: बरेली में इंटरनेट सेवा ठप, मौलाना तौकीर समेत बवाल के आठ आरोपी भेजे गए जेल

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बरेली। शहर में शुक्रवार को हुए बवाल को लेकर पुलिस-प्रशासन ने शनिवार को कार्रवाई शुरू कर दी। जिले में रविवार रात 12:30 बजे तक के लिए मोबाइल इंटरनेट और ब्राॅडबैंड सेवा ठप कर दी गई है। बवाल के आरोपी इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां को गिरफ्तार कर फर्रुखाबाद जेल भेज दिया गया। उसके साथ गिरफ्तार सात अन्य आरोपियों को स्थानीय सेंट्रल जेल-टू भेजा गया है।
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डीएम अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि कोतवाली में पांच, बारादरी में दो, किला, प्रेमनगर और कैंट थाने में एक-एक एफआईआर दर्ज की गई हैं। 39 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बवाल में शामिल करीब तीन हजार अज्ञात आरोपियों को वीडियो और सीसी फुटेज के जरिये चिह्नित किया जा रहा है।
एसएसपी ने बताया कि पुलिस पर हमले की पहली व बड़ी घटना खलील हायर सेकंडरी स्कूल तिराहे पर हुई। इसमें मौके पर मौजूद राजपत्रित अधिकारियों पर भीड़ ने पत्थर फेंके और पुलिस पर फायरिंग की। यहीं से मौलाना तौकीर को छोड़कर बाकी सात आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। यहां उपद्रवियों ने दो बाइकों में तोड़फोड़ भी की थी।
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एसएसपी ने कहा कि मुख्यमंत्री और शासन की मंशा के अनुसार जीरो टॉलरेंस की नीति पर पुलिस-प्रशासन काम कर रहा है। बवाल के असली जिम्मेदारों को सामने लाया जाएगा। मौलाना तौकीर रजा के बुलावे पर भीड़ के जुटने की बात सार्वजनिक है। मगर, इसके अलावा भी कई लोग पर्दे के पीछे से साजिश रच रहे थे। उनका क्या उद्देश्य था? यह तथ्य भी पुलिस जांच में स्पष्ट करेगी।
इन आरोपियों को भेजा जेल
मौलाना तौकीर रजा खां, मनीफुद्दीन, अजीम अहमद, मोहम्मद शरीफ, आमिर, निहाल, सरफराज पुत्र शमीम, सरफराज पुत्र सलीम।
पेट्रोल लेकर आए थे उपद्रवी, शहर को जलाने की थी साजिश
एसएसपी ने बताया कि खलील हायर सेकंडरी स्कूल के पास से पत्थर, जूते-चप्पल, पुलिस के टूटे बैरिकेड, एक तमंचा, कुछ कारतूस व खोखे, ब्लेड, चाकू और पेट्रोल से भरी बोतलें बरामद की गई हैं। पेट्रोल की बोतलें इस बात की गवाही दे रही हैं कि उपद्रवी शहर को जलाने की साजिश के तहत आए थे।
सात मामलों में मौलाना तौकीर का नाम दर्ज
एसएसपी ने बताया कि दस में से सात मुकदमों में मौलाना तौकीर का नाम प्रकाश में आया है। जिन लोगों ने पहले दिन पत्र लिखकर दिया कि कोई भी इस्लामिया मैदान की ओर नहीं आएगा, उन्हीं लोगों ने दो घंटे बाद अपने व्हाट्सएप ग्रुप से यह कहकर पत्र डिलीट कर दिया कि वह फर्जी है। उस पर मौलाना के दस्तखत नहीं हैं। ऐसे लोगों की जांच कराई जाएगी।

इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के संस्थापक मौलाना तौकीर रजा खां बरेली के आला हजरत परिवार से हैं। वह भारतीय इस्लामी विद्वान और राजनीतिज्ञ के रूप में जाने जाते हैं। उनके बड़े भाई मौलाना सुब्हान रजा खां आला हजरत दरगाह के प्रमुख हैं। मौलाना के पिता पूर्व एमएलसी रेहान रजा खां आला हजरत दरगाह के सज्जादानशीन थे। अलग-अलग समय पर कांग्रेस, सपा और बसपा से भी मौलाना तौकीर की नजदीकी रही है।
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