बरेली। कल्चर एसोसिएशन व जिला समारोह समिति की ओर से अंतरराष्ट्रीय महोत्सव का आगाज हो गया है। मंच पूजन के बाद शाम को महोत्सव की शुरुआत संजय कम्युनिटी हाल में गंगा जमुनी कवि सम्मेलन व मुशायरे से गणतंत्र दिवस के स्वागत से की गई। इसके मुख्य अतिथि शायर जाहिद उल्ला खां रहे।
कवि रणधीर प्रसाद गौड़ ने अध्यक्षता करते हुए अपनी कविता के माध्यम से कहा कि- संविधान गणतंत्र किया स्वीकार प्रगति और उन्नति को, मूलभूत अधिकार मिलेंगे भारत मां की संतानों को। इससे पूर्व साजिद अब्बासी के इस शेर को खूब पसंद किया गया कि- पहले इंसान को इंसान बनाया जाए, फिर मजाहिब का उसे पाठ पढ़ाया जाए। राम के ख्वाजा के, नानक के हंसी भारत को, कौमी यकजहती के फूलों से सजाया जाए।
इसके अलावा डा. नईम कासगंजवी, ब्रिजेंद्र तिवारी अकिंचन, आरिफ उस्मानी, राम शंकर शर्मा प्रेमी, सतीश गुप्ता द्रवित, मनोज दीक्षित टिंकू, राजेंद्र श्रीमाली, रजत कुमार, राम धनी निर्मल, प्रकाश निर्मल, कृष्ण तिवारी अंशु आदि ने रचनाएं प्रस्तुत की गईं। संचालन रचित मोनू ने किया। संस्थाध्य जेसी पालीवाल ने आभार व्यक्त किया।
इंडोनेशिया व बंगलादेश की टीम पहुंची
बरेली। अंतरराष्ट्रीय महोत्सव में भाग लेने के लिए देर रात इंडोनेशिया व बंगलादेश की टीमें यहां पहुंच गई हैं। इनके यहां पहुंचने पर आयोजकों की ओर से स्वागत किया गया। इसके अलावा गोहाटी (असम), फरुखाबाद (उत्तर प्रदेश), दिल्ली व छपरा (बिहार) के सांस्कृतिक दल भी पहुंच चुके हैं। इन दलों का स्वागत करने वालों मेें जेसी पालीवाल, नरेंद्र पाल गंगवार, अनिल अग्रवाल, दर्शन लाल भाटिया, रजनीश सक्सेना, बीएस सक्सेना, राजीव शर्मा टीटू, शैलेंद्र सिंह, प्रभु दयाल शर्मा, शिव स्वरूप सिंह, राजेंद्र प्रसाद घिल्डियाल, मोहम्मद नबी, सुनील धवन. डा. सय्यद सिराज, संजय मठ, संजीव सक्सेना, पवन कालरा आदि मौजूद रहे।