बाहरी परीक्षक प्रयोगशाला में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए मोबाइल एप का करेंगे उपयोग
बरेली। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की इंटरमीडिएट प्रयोगात्मक परीक्षाएं 24 जनवरी से 1 फरवरी के बीच आयोजित की जाएंगी। परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के तहत परीक्षा में गड़बड़ी करने या बाधा डालने वालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) डॉ. अजीत कुमार की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी प्रयोगात्मक परीक्षाएं वॉइस रिकॉर्डर युक्त सीसी कैमरों की निगरानी में होंगी। परीक्षा की रिकॉर्डिंग विद्यालयों को सुरक्षित रखनी होगी। इसके अलावा बाहरी परीक्षकों को प्रयोगशाला में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए मोबाइल एप के माध्यम से जियो-लोकेशन युक्त फोटो अपलोड करनी होगी।
बाधा डालने वाले को उम्रकैद और 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना
शासन ने नकल माफियाओं और परीक्षा में बाधा डालने वाले तत्वों पर नकेल कसने के लिए नए कानून के तहत प्रावधान स्पष्ट किए हैं। इसमें उन्होंने धारा-नौ के तहत बताया कि यदि कोई व्यक्ति परीक्षक को डराता-धमकाता है या प्रलोभन देता है, तो उसे आजीवन कारावास और 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं धारा-10 के तहत यदि परीक्षा निर्धारित केंद्र के बजाय किसी अन्य स्थान पर कराई जाती है, तो दोषियों को दो से 10 वर्ष तक की जेल और भारी दंड भुगतना होगा। संवाद