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बरेली लेखपाल हत्याकांड: इंस्पेक्टर लाइन हाजिर, डीएनए जांच के लिए मृतक की मां के खून का लिया सैंपल

Fri, 20 Dec 2024 07:02 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

Bareilly News: लेखपाल मनीष कश्यप हत्याकांड में लापरवाही बरतने पर फरीदपुर इंस्पेक्टर पर कार्रवाई हुई है। एसएसपी अनुराग आर्य ने इंस्पेक्टर को लाइनहाजिर कर दिया है। 
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मृतक लेखपाल के परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के लेखपाल मनीष कश्यप की हत्या के मामले में एसएसपी ने फरीदपुर इंस्पेक्टर राहुल सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं, डीएनए जांच के लिए लेखपाल की मां का ब्लड सैंपल लिया गया है, जिसे जांच के लिए हैदराबाद लैब भेजा जाएगा।

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लेखपाल मनीष को बहाने से बुलाकर उनकी हत्या कर दी गई थी। वह 27 नवंबर से लापता थे। उनके सिर का कंकाल कैंट क्षेत्र के नाले से बरामद हुआ। इस मामले का पुलिस खुलासा कर चुकी है। हालांकि, दो आरोपी सूरज और नेत्रपाल अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। 

लेखपाल के परिजनों ने फरीदपुर इंस्पेक्टर और सीओ पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। परिजनों ने कहा था कि इनके स्तर पर तेज कार्रवाई होती तो शायद मनीष की जान नहीं जाती। हालांकि, खुलासे के दौरान ये साफ हो गया था कि लेखपाल की हत्या उसी दिन कर दी गई, जब आरोपी उन्हें कार में बैठाकर ले गए थे।

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लापरवाही बरतने पर हुई कार्रवाई 
अब लापरवाही बरतने पर पहली कार्रवाई फरीदपुर इंस्पेक्टर राहुल सिंह पर हुई है। उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है। डीएनए टेस्ट के लिए लेखपाल की मां मोरकली का तीन एमएल ब्लड सैंपल जिला अस्पताल में लिया गया। 

फतेहगंज पश्चिमी थाना प्रभारी प्रदीप चतुर्वेदी ने बताया कि खोपड़ी व हड्डी पहले ही सुरक्षित कर ली गई हैं। परिवार ने हैदराबाद लैब में डीएनए जांच की इच्छा जताई थी। शुक्रवार सुबह पुलिस टीम सैंपल लेकर लैब के लिए रवाना हो जाएगी। 
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लेखपालों की हड़ताल से 15 हजार लोग परेशान
लेखपाल मनीष कश्यप की हत्या से आक्रोशित लेखपालों की तीन दिन से जारी हड़ताल से जिले के करीब 15 हजार लोगों के प्रभावित होने की आशंका है। मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहने की बात संगठन पदाधिकारी कह रहे हैं। शुक्रवार को भी कार्य बहिष्कार रहेगा।

जिले में प्रतिदिन करीब पांच हजार आय, जाति, निवास, वारिसान, हैसियत संबंधी प्रमाण पत्र के साथ खसरा, खतौनी की नकल समेत कई जांच, पैमाइश का जिम्मा लेखपाल संभालते हैं। वही, तीन दिन से कार्य बहिष्कार होने से जिले में कहीं कोई दस्तावेज जारी नहीं हो सका। 

लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष योगेंद्र कुमार के मुताबिक बृहस्पतिवार को सभी तहसीलों के लेखपाल संघ के पदाधिकारी समेत करीब ढाई सौ लेखपाल धरना में शामिल हुए। बताया कि जिला प्रशासन की ओर से अभी तक मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है। लिहाजा, हड़ताल जारी रहेगी। 
 
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