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Bareilly News: एंटी करप्शन की विवेचना में दोषी मिला दरोगा दीपचंद, 50 हजार रुपये घूस लेते हुआ था गिरफ्तार

Sat, 18 Oct 2025 12:11 PM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में दस महीने पहले रिश्वतखोरी के मामले में पकड़े गए दरोगा दीपचंद की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एंटी करप्शन की विवेचना में दरोगा दोषी पाया गया है। उसके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई है। 
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आरोपी दरोगा दीपचंद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में 50 हजार रुपये की रिश्वतखोरी के मामले में पकड़े गए दरोगा दीपचंद पर कार्रवाई का शिकंजा कसता जा रहा है। कोर्ट से भले ही उसे जमानत मिल गई हो लेकिन एंटी करप्शन टीम उसके खिलाफ पूरे साक्ष्य जुटाकर चार्जशीट लगा चुकी है। शासन से आई जांच में भी उसे रिश्वतखोरी का दोषी माना गया है।

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इसी साल छह जनवरी की शाम बहेड़ी थाने की भुड़िया चौकी के प्रभारी एसआई दीपचंद को चौकी परिसर में ही 50 हजार रुपये के साथ पकड़ा गया था। एंटी करप्शन टीम ने दावा किया था कि पिपलिया निवासी जीशान के चाचा व भाई पर दर्ज मारपीट की रिपोर्ट में मामला रफा-दफा करने के नाम पर ये रकम दीपचंद मांग रहा था। 

परेशान जीशान ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की तो प्रारंभिक जांच पड़ताल के बाद उसे कैमिकल लगे नोट दिए गए। यही नोट जीशान से लेकर दरोगा ने अपनी मेज की दराज में रख लिए जो बरामद कराकर धुलवाए तो दरोगा के हाथ गुलाबी हो गए। 
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मार्च में दाखिल कर दी गई थी चार्जशीट 
दीपचंद को जेल भेजने के साथ ही विवेचना एंटी करप्शन के ही इंस्पेक्टर इश्तियाक वारसी को दी गई। सूत्रों के मुताबिक वारसी ने मार्च में ही दीपचंद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। एंटी करप्शन बरेली थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रवीण सान्याल ने बताया कि कोर्ट ने चार्जशीट को स्वीकार भी कर लिया है। 

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पत्नी की शिकायत पर हुई जांच में भी दोषी
दीपचंद की पत्नी गुंजन ने मुख्यमंत्री से शिकायत कर एंटी करप्शन टीम पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले में जांच का एक हिस्सा पुलिस तो दूसरा हिस्सा एंटी करप्शन टीम को सौंपा गया। एसएसपी अनुराग आर्य ने दीपचंद को निलंबित कर विभागीय जांच के साथ शासन के स्तर से मांगी गई आख्या तैयार करने की जिम्मेदारी एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम को सौंपी। 

इसमें जांच पूरी कर ली गई है, हालांकि रिपोर्ट शासन को नहीं भेजी गई है। सूत्र बताते हैं कि पुलिस की जांच में घटनाक्रम को संदिग्ध माना गया है, जिससे भविष्य में दीपचंद को आंशिक राहत मिल सकती है। वहीं, एंटी करप्शन थाने के प्रभारी प्रवीण सान्याल ने दीपचंद को दोषी मानकर संबंधित साक्ष्य दाखिल किए गए हैं। ये रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है।
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सीओ यशपाल का हो चुका है तबादला 
दीपचंद पर कार्रवाई के दौरान सीओ एंटी करप्शन यशपाल सिंह बरेली में तैनात थे। करीब दो महीने पहले उनका तबादला कानपुर हो गया।  अब तक बरेली में नई तैनाती नहीं हुई है। यशपाल के तबादले को भी इसी प्रकरण से जोड़कर देखा जा रहा है। 
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