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बरेली : वक्त पर खून न मिलने से सड़क हादसे में घायल रामपुर के इंस्पेक्टर की मौत

Thu, 25 Mar 2021 03:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

  • रामपुर कोतवाली में इंस्पेक्टर क्राइम थे विनोद कुमार आनंद, बृहस्पतिवार को हुआ था हादसा
  • ब्लड बैंक और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप, परिजन ने किया हंगामा 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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समय पर खून न मिलने से रामपुर कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर क्राइम विनोद कुमार आनंद की मौत हो गई। वह बृहस्पतिवार को सड़क हादसे में घायल हो गए थे। परिवार वालों ने सर्जन पर ऑपरेशन में लापरवाही और ब्लड बैंक पर देर से खून देने का आरोप लगाकर अस्पताल में हंगामा किया।

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कन्नौज में थाना तिरवा के गांव ठठिया नया पुरवा निवासी 46 वर्षीय इंस्पेक्टर विनोद कुमार आनंद रामपुर कोतवाली में इंस्पेक्टर क्राइम के पद पर तैनात थे। उनका परिवार बरेली के पवन विहार में रहता है। परिजन के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात रामपुर में कोतवाली के पास सामने से कार की लाइट की चकाचौंध में बाइक अनियंत्रित होने से वह डिवाइडर से टकरा गए थे। हादसे में उनका जबड़ा टूट गया था। रामपुर जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बरेली के सिविल लाइंस स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

मां सुशीला आनंद के मुताबिक, बुधवार को सर्जन डॉ. अंशु अग्रवाल ने कहा कि पेट में खून जमा हो गया है, लिहाजा ऑपरेशन करना पड़ेगा। इसके लिए तीन यूनिट ब्लड ले आएं। परिवार वालों का आरोप है कि आईएमए ब्लड बैंक ने खून देने में करीब ढाई घंटे का समय लगा दिया। जब वे लोग खून लेकर लौटे तब तक डॉ. अंशु अग्रवाल ऑपरेशन शुरू कर चुके थे, लेकिन डॉक्टर खून का बहाव नहीं रोक सके।
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इससे ऑपरेशन थिएटर में ही रात करीब दस बजे विनोद की मौत हो गई। जानकारी मिलते ही इंस्पेक्टर के परिजन ने लापरवाही का आरोप लगाकर अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर इंस्पेक्टर कोतवाली पंकज पंत स्टाफ के साथ मौके पर पहुंच गए और परिवार वालों को समझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। रामपुर कोतवाली इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह ने बताया कि डॉ. अंशु अग्रवाल के खिलाफ लापरवाही के आरोप में कोतवाली में तहरीर दी जा रही है।

2001 बैच के इंस्पेक्टर थे विनोद
विनोद कुमार आनंद 2001 बैच के इंस्पेक्टर थे। उनके परिवार में पत्नी सुधा आनंद, तीन बेटे हर्षित, ईशु, नोना हैं। विनोद के छोटे भाई महेंद्र आनंद की भी छह साल पहले मौत हो चुकी है। विनोद की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।

अस्पताल प्रबंधन ने कहा- पहले ही बता दी थी गंभीरता
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, इंस्पेक्टर की हालत काफी गंभीर थी। पेट में काफी खून जमा था। मेजर ऑपरेशन होना था। हालत गंभीर होते देख परिवार वालों से लिखित सहमति लेकर ही ऑपरेशन शुरू किया था। हालांकि मोबाइल स्विच ऑफ होने के चलते इस बारे में सर्जन डॉ. अंशु अग्रवाल से बात नहीं हो सकी।

आईएमए ब्लड बैंक के विस्तार का काम चल रहा है। इसकी वजह से थोड़ी देरी हुई तो ब्लड लेने आए लोग हंगामा करके स्टाफ से अभद्रता करने लगे। करीब 20 मिनट इसके चलते खून देने की प्रक्रिया प्रभावित रही। अगर कोई गंभीर मामला होता है तो अस्पताल की ओर से हमें सूचना दी जाती है, लेकिन हमें ऐसी कोई सूचना नहीं मिली। प्रक्रिया के बाद हमने उन्हें खून उपलब्ध करा दिया था।
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- डॉ. अंजू उप्पल, आईएमए ब्लड बैंक प्रभारी

परिवार वालों ने सर्जन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार वाले तहरीर दे रहे हैं। उसके आधार पर ही रिपोर्ट दर्ज करके जांच की जाएगी।
- पंकज पंत, इंस्पेक्टर कोतवाली

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