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फरीदपुर। करोड़ों की जमीन हड़पने के लिए फर्जी तरीके से वरासत दर्ज कराने के चर्चित मामले में प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। इस मामले में पीड़िता की शिकायत को सुनने के बाद नायब तहसीलदार प्रथम कोर्ट ने पहले पारित किया गया वरासत का आदेश रद्द कर दिया है। साथ ही मामले की नए सिरे से सुनवाई के लिए दोनों पक्षों को रजिस्टर्ड नोटिस भेज दिया गया है।
इस पूरी धांधली में संलिप्त पाए गए क्षेत्रीय लेखपाल पंकज यादव के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया गया है। लेखपाल को स्पष्टीकरण नोटिस जारी कर 10 दिन के भीतर जवाब तलब किया गया है।
फर्रखपुर मझौआ गांव की रहने वाली पीड़िता अनवर जहां ने आरोप लगाया था कि उनके पति स्व. सुलेमान खान की मृत्यु के बाद उनकी करोड़ों की जमीन पर हक पाने के लिए उनके पति के भतीजों सदाकत खां, शहांशाहवली, शराफत खां, अशफाक खां व इंतजार खां ने क्षेत्रीय लेखपाल पंकज यादव के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा। पीड़िता का आरोप है कि लेखपाल ने मोटी रकम लेकर नायब तहसीलदार न्यायालय में यह फर्जी रिपोर्ट पेश कर दी कि सुलेमान खान की शादी ही नहीं हुई थी और वे अविवाहित मरे हैं। इसके बाद वरासत में भतीजों के नाम चढ़ गया। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब कोर्ट द्वारा आदेश रद्द करने से षड्यंत्र रचने वाले लोगों में बेचैनी है।
नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर होगी कार्रवाई : एसडीएम
फरीदपुर एसडीएम विदुषी सिंह ने बताया कि पीड़िता को सुनने के बाद नायब तहसीलदार कोर्ट ने वरासत का आदेश रद्द कर दिया है। दोनों पक्षों को साक्ष्यों और सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया गया है। आरोपी लेखपाल को भी 10 दिन का समय देते हुए स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया है। नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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