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असरदार लोग और एसएसओ-लाइनमैन अपनी मर्जी से चलाते हैं सबस्टेशन.. क्या मजाक है

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ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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घाटे और बदइंतजामी वाले जिलों में बरेली भी, धन उगाही, मनमानी, कटौती और शटडाउन पर भी सख्त दिखे प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा
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उपभोक्ताओं को समय पर सही बिल मिलें, 60 दिन में लाइन लॉस 15 फीसदी से नीचे लाएं, ऊर्जामंत्री ने दस हाईलॉस उपकेंद्रों का किया वर्चुअल निरीक्षण

बरेली। ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा ने बुधवार को जिले के दस हाईलॉस उपकेंद्रों का वर्चुअल निरीक्षण किया। वह जिले में खराब बिलिंग, बिना रोस्टर कटौती, ट्रिपिंग, फाल्ट, बिल सही न देने, ट्रांसफार्मर बदलने और क्षमता वृद्धि करने के नाम पर हो रही अवैध वसूली और ठेकेदारों से साठगांठ पर जमकर बरसे। कहा, असरदार लोग एसएसओ से अपनी मर्जी से उपकेंद्र चलवा रहे हैं। हर आधा घंटे में शटडाउन हो रहे हैं। रोस्टर में मनमर्जी से बदलाव किया जा रहा है। यह सब नहीं चलेगा। बरेली में ट्रिपिंग नहीं होने दी जाएगी।
ऊर्जा, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत और जिले के प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बुधवार दोपहर नगर और ग्रामीण क्षेत्र के दस सर्वाधिक लाइनलॉस वाले उपकेंद्रों में लाइनलॉस की समीक्षा कर इसे कम करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं को सही बिल समय पर मिलें। चिह्नित उपकेंद्रों पर लाइनलॉस साठ दिन में 15 फीसदी से नीचे लाना सुनिश्चित किया जाए। ट्रांसफार्मरों की लोड बैलेंसिंग न होने और उनके खराब होने के कारणों की सही जानकारी न दे पाने, राजस्व लक्ष्यपूर्ति में लापरवाही, ठेकेदारों से कथित साठगांठ, नए कनेक्शन देने में मनमानी आदि पर नाराजगी जताई। कहा, लापरवाही से ईमानदार उपभोक्ता प्रभावित हो रहे हैं। ऑनलाइन समीक्षा बैठक में शामिल पॉवर कारपोरेशन चेयरमैन अरविंद कुमार और प्रबंध निदेशक सूर्यपाल गंगवार से कहा कि सबकी जवाबदेही तय कर चार्जशीट दें।
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ऊर्जा मंत्री ने नवाबगंज, फरीदपुर, सिविल लाइंस- तीन, भोजीपुरा, भुता, हाफिजगंज, शाहदाना, कुतुबखाना, किला और जगतपुर उपकेंद्रों की बारीकी से समीक्षा कर खामियां दूर करने को कहा। ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि समय से न करने, उनकी लोड बैलेंसिंग के कार्यों में ढिलाई पर उन्होंने असंतोष व्यक्त किया। पता चला कि सर्किल और चीफ इंजीनियर कार्यालय में एस्टीमेट स्वीकृति के लिए कई-कई दिन पड़े रहते हैं। एसडीओ और जेई मीटर रीडिंग आधारित बिल उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों से नाराजगी जताई।
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सेंथल से मिल रहीं शिकायतों और लाइनलॉस 93 प्रतिशत तक पहुंचने, फोन नहीं उठाने, उपभोक्ताओं को धमकाने पर संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया। कहा, संबंधित अफसर और जेई फोन नहीं उठा रहे हैं, परेशान लोग हमसे शिकायतें करते हैं। अधिकारियों के इस तरह के क्रियाकलापों से विभाग की छवि खराब होती है। उन्होंने एसडीओ और जेई को चार्जशीट देने और अन्य संबंधित अफसरों का तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर 15-20 मिनट में फाल्ट सही करने के नाम पर एसएसओ-लाइनमैन शटडाउन ले रहे हैं। यह सब नहीं चलेगा। रोस्टिंग में ही फाल्ट सही हों। एक्सईएन की अनुमति बगैर शटडाउन नहीं लिए जाएं, इमरजेंसी में ही एसएसओ शटडाउन दें।

दो एसडीओ और दो जेई पर कार्रवाई के निर्देश

भुता, हाफिजगंज, नवाबगंज उपकेंद्रों की समीक्षा में ऊर्जामंत्री ज्यादा नाराज दिखे। उन्होंने हाफिजगंज उपकेंद्र के एसडीओ और जेई को चार्जशीट और भुता के एसडीओ और जेई को चेतावनी देने को कहा। संबंधित अफसरों जमकर लताड़ाते हुए कहा, आपको पता है कि बरेली जिला का प्रभारी मंत्री खुद ऊर्जामंत्री ही है। निर्देश दिए कि संबंधित अफसरों से स्पष्टीकरण मांगा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगली बार बरेली जिला चाक चौबंद दिखे। एक भी शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। मीटर और बिल की समस्याएं प्राथमिकता से निपटाई जाएं।
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