बरेली। होली पर गुझिया व अन्य पकवानों की खुशबू से घर महकेगा पर इसमें मेवे यानी ड्राई फ्रूट्स की मात्रा कम होगी। वजह, मेवे के दाम डेढ़ से दोगुना तक बढ़ चुके हैं। रिफाइंड ऑयल भी 15-20 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हुआ है। ऐसे में इस बार त्योहार में आम लोगों की जेब पर ज्यादा बोझ पड़ेगा।
श्यामगंज किराना बाजार के कारोबारी सुभाष चंद्र अरोड़ा के मुताबिक चिरौंजी के दाम दोगुने से भी ज्यादा जा पहुंचे हैं। माहभर पहले एक किलो चिरौंजी 1,200-1,700 रुपये में मिलती थी, पर अब 2,700 रुपये किलो तक बिक रही है। मखाना के दाम 450 रुपये थे, जो अब 900 रुपये प्रति किलो तक जा पहुंचे हैं। छुआरा की कीमतें 400 रुपये प्रति किलो तक हैं। किसमिस भी डेढ़ गुना तक महंगी हो गई है। 160 रुपये किलो बिक रहा नारियल गोला 200 पर जा पहुंचा है। काजू सहित अन्य मेवों के दाम भी बढ़ गए हैं।
त्योहार नजदीक आते ही दाल, चावल, छोले, चने, मसाले आदि के दाम पांच से दस रुपये तक बढ़ गए हैं। हालांकि, कारोबारियों का दावा है कि यह बढ़ोतरी तीन से चार माह पहले ही हो गई थी। कचरी की कीमतों में पिछले साल के सापेक्ष अधिकतम दस रुपये प्रति किलो तक बढ़ोतरी हुई है। किराना कारोबारी मनोज मूलचंदानी के मुताबिक मसालों में तेज पत्ता, छोटी व बड़ी इलायची, काली मिर्च, जायफल आदि के दाम स्थिर हैं। हल्दी के दाम 60 से 70 रुपये प्रति किलो बढ़े हैं। माहभर पहले 120 रुपये किलो बिकने वाली हल्दी अब 190 रुपये तक बिक रही है।
श्यामगंज फल मंडी में 60 रुपये प्रति किलो बिक रहा अंगूर अब 80 रुपये, अनार 90 से 110 रुपये, सेब 100 से 120 रुपये, संतरा 50 से 70 रुपये, तरबूज 40 से 50 रुपये, पपीता 30 से 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। फल विक्रेता राजू के मुताबिक होली और रमजान एक साथ होने की वजह से कीमतें बढ़ी हैं।
श्यामगंज किराना बाजार की ज्यादातर दुकानों पर आलू के पापड़ का स्टॉक खत्म हो चुका है। कारोबारी सुभाष के मुताबिक आलू के पापड़ का स्टॉक तीन बार पहले मंगाया गया था, पर मांग अधिक होने से बिक गए। अब फिर से ऑर्डर दिया है। आपूर्ति कब तक होगी, कोई पता नहीं। मैदा, चावल, दाल के पापड़ की आपूर्ति भरपूर है।