उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के गंगापुर में घर में खेलने के दौरान दूध के भगोने में गिरने से डेढ़ साल के बच्चे की मौत हो गई। दम तोड़ने से पहले परिवार के लोग रविवार को पूरे दिन उसे झुलसी हुई हालत में कई अस्पतालों में लेकर पहुंचे, मगर इलाज में खर्च अत्यधिक बताए जाने के कारण भर्ती नहीं करा पाए।
बाद में एक अस्पताल में किसी तरह भर्ती कराया गया, लेकिन तबतक काफी देर हो चुकी थी। मौत के बाद परिवार ने पुलिस को बिना सूचना दिए शव को दफना दिया। यह घटना गंगापुर इलाके के पक्का बाग में रहने वाले ई रिक्शा चलाने वाले अर्जुन के परिवार में हुई है।
साथ में रहने वाले उनके छोटे भाई संजय ने बताया कि अर्जुन की पत्नी सीमा ने रविवार दोपहर को ढाई किलो दूध एक बड़े पतीले में उबाला था। पतीला जमीन पर रखकर वह दूसरे कामों में लग गईं। दक्ष खेलते हुए कमरे में रखे पतीले के पास आया और उसमें गिर गया।
खौलते दूध में गिरने से उसकी चीख निकली तो मां सीमा भागकर वहां पहुंचीं। उन्होंने बेटे को किसी तरह बाहर निकाला और शोर मचाया। इस पर परिवार के अन्य लोग और पड़ोसी पहुंच गए। दक्ष गंभीर रूप से झुलस गया था।
संजय ने बताया कि दक्ष को लेकर परिवार के लोग कई अस्पतालों में गए। कुछ जगह उसकी गंभीर हालत को देखकर डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए तो कहीं जरूरत से ज्यादा खर्च बताया गया।
उनका परिवार इतना खर्च वहन करने में सक्षम नहीं था। उन्होंने बाद में सिविल लाइंस के एक अस्पताल में दक्ष को भर्ती कराया, मगर तब तक उसकी हालत काफी बिगड़ चुकी थी और रात में उसने दम तोड़ दिया।