बरेली। शासन का गड्ढामुक्ति का फरमान जिले में बेअसर साबित हो रहा है। गली-मोहल्लों की बात छोड़िए, शहर की प्रमुख सड़कें भी गड्ढामुक्त नहीं हो सकी हैं। मंदिरों तक आने-जाने वाले मार्ग भी बदहाल हैं। नगर निगम और लोक निर्माण विभाग की सड़कों पर शहर में कई स्थानों पर खतरनाक गड्ढे हैं। लोग हिचकोले खा रहे हैं। जिम्मेदार अब 31 अक्तूबर की समय सीमा का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि सिर्फ मंदिरों और रामलीला या मेला मैदान से जुड़े मार्गों को 10 अक्तूबर तक गड्ढामुक्त करना था। इन पर काम हुआ है। कुछ पर काम चल रहा है। दिवाली से पहले मार्ग गड्ढामुक्त कर दिए जाएंगे।
ये है हाल
- श्यामगंज से कालीबाड़ी मंदिर मार्ग पर कई स्थानों पर गड्ढे हैं। दो महीने पहले पाइप लाइन, केबल डालने के लिए खोदाई की गई थी, पर सड़क ठीक नहीं कराई गई।
- राजेंद्रनगर में बांके बिहारी मंदिर के सामने, गुप्ता चौराहे की ओर जाने वाली सड़क पर खतरनाक गड्ढे हैं। जिम्मेदार इसकी मरम्मत पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
- डीडीपुरम से एकतानगर के बीच गड्ढों की वजह से रोज एक-दो वाहन पलट रहे हैं। हजारों लोगों का आवागमन होने के बावजूद सड़क ठीक नहीं कराई गई।
- प्रेमनगर धर्मकांटे से ईंट पजाया तक सड़क खस्ताहाल है। दिन में हजारों लोगों का आवागमन होता है, पर जिम्मेदार नहीं चेत रहे।
वर्जन
एक-एक करके सड़कों को गड्ढामुक्त कराया जा रहा है। जो सड़कें रह गईं हैं, उन पर भी काम होगा। अब तक 41 सड़कों को गड्ढामुक्त कराया जा चुका है। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
सेटेलाइट-बड़ा बाइपास मार्ग को गड्ढामुक्त कराने की जिम्मेदारी जल निगम की है। केवल उन्हीं स्थानों पर सड़क खराब है, जहां पाइप लाइन बिछाई गई है। सिटी स्टेशन से किला मार्ग काम चल रहा है। अगले 24 घंटे में सड़क ठीक हो जाएगी। - राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
खतरों के बीच कर रहे सफर
गड्ढा होने की वजह से सड़क हादसे हो रहे हैं। शासन के आदेश पर उम्मीद जगी थी, लेकिन शहर की सड़कें गड्ढामुक्त नहीं हो सकीं। खतरों के बीच लोग सफर कर रहे हैं। - लाखन सिंह, फाल्तूनगंज
सेटेलाइट से पीलीभीत की ओर जाने वाली सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं। कई अन्य सड़कें चलने लायक नहीं है। जमीनी स्तर पर काम नहीं हो रहा, इसलिए गड्ढे बरकरार हैंं। - धर्मवीर सिंह, विकास भवन मार्ग
अमर उजाला ब्यूरो