बरेली। युवाओं के स्टार्टअप को धरातल पर उतारने के लिए रुहेलखंड विश्वविद्यालय परिसर में इन्क्यूबेटिंग पायलट फैसिलिटी सेंटर बनाया जाएगा। इससे नवाचारों को बाजार तक पहुंचाने में इन्क्यूबेटर्स की मदद की जाएगी। इस मिनी मॉडल से सफलता मिलने पर स्टार्टअप को बड़े स्तर पर लांच किया जा सकेगा।
कुलपति प्रो. केपी सिंह के अनुसार विवि परिसर में पीएम उषा के बजट से इन्क्यूबेटिंग पायलट फैसिलिटी सेंटर तैयार होगा, जिसका शिलान्यास 14 अक्तूबर को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी। सेंटर के माध्यम से नवाचार को बाजार तक पहुंचाने में इन्क्यूबेटर का सहयोग किया जाएगा।
इसमें विशेषज्ञ की सलाह, उत्पाद की डिजाइन, छंटाई, ग्रेडिंग, पैकिंग व मार्केटिंग करने की प्रक्रिया एक छत की नीचे की जा सकेगी। छोटे स्तर पर किए गए प्रयास से आय व सफलता मिलने पर इसे बड़े स्तर पर लांच किया जा सकेगा। इसमें आरआईएफ को मिलने वाले फंड का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
आरआईएफ से मिलता मार्गदर्शन
वर्तमान में विवि परिसर में स्थापित रुहेलखंड इन्क्यूबेशन फाउंडेशन (आरआईएफ) से नवाचारों को बढ़ावा दिया जा रहा है। अलग आइडिया के साथ कार्य करने वाले युवाओं को इसमें विशेषज्ञ की सलाह निशुल्क दी जाती है। साथ ही कंपनी का संचालन करने के लिए भी भवन में पर्याप्त जगह मिलती है।
सोशल मीडिया से होगी ब्रांडिंग
इन्क्यूबेटिंग पायलट फैसिलिटी के माध्यम से उत्पाद की ब्रांडिंग भी की जाएगी। इसके लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व डिजिटल मार्केटिंग का इस्तेमाल और आईटी के विद्यार्थियों का सहयोग भी लिया जाएगा। इससे उत्पाद की बाजार में मांग बढ़ाने में मदद मिल सकेगी।
विद्यार्थियों को भी मिलेगा अनुभव
पायलट फैसिलिटी सेंटर से नवाचार करने वाले युवाओं के साथ विवि में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को उत्पादन से मार्केटिंग तक का अनुभव प्राप्त हो सकेगा। इसमें मैकेनिकल, इलेक्ट्रोनिक, एआई आदि तकनीकी शाखाओं के विद्यार्थी भी पढ़ाई के साथ अनुभव हासिल कर सकेंगे, जिसका लाभ उन्हें नौकरी हासिल करने में मिलेगा। संवाद