बरेली। बिजली आपूर्ति में ट्रिपिंग और फाॅल्ट की अड़चन उद्योगों पर भारी पड़ रही है। प्रतिदिन कई बार बिजली की आवाजाही से उत्पादन प्रभावित हो रहा है। जनरेटर का खर्च, उत्पाद खराब होने से होने वाला नुकसान उद्यमियों पर भारी पड़ रहा है।
जिले में करीब पांच हजार औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। परसाखेड़ा, भोजीपुरा, सीबीगंज और फरीदपुर में औद्योगिक आस्थान हैं। यहां भीषण गर्मी में ओवरलोडिंग समेत अन्य वजहों से हो आपूर्ति बाधित होने से कारोबार प्रभावित हो रहा है। उद्यमियों का कहना है कि अब बिजली कटौती नहीं हो रही, पर ट्रिपिंग और फाॅल्ट की समस्या बरकरार है। शिकायत पर कुछ हद तक समाधान हुआ, पर समस्या से पूरी तरह निजात नहीं मिल सकी।
घंटे भर में 16 से 50 लीटर ईंधन की हो रही खपत
जिले में स्थापित उद्योगों को कम से कम 80 तो अधिकतम पांच सौ किलोवाट तक बिजली की जरूरत पड़ती है। इसी लिहाज से जनरेटर भी लगाए हैं। छोटे-बड़े जनरेटर के लिहाज से प्रतिघंटे 16 से 50 लीटर ईंधन की खपत हो रही है। औसतन दो से तीन घंटे चलाने पर पांच से दस हजार रुपये ईंधन पर खर्च हो रहा है।
अचानक बिजली जाने से हो रही परेशानी
उद्यमियों के अनुसार कई ऐसे उत्पाद होते हैं, जिनकी निर्माण प्रक्रिया शुरू होने पर उन्हें बीच में रोका नहीं जा सकता। इसमें वायरिंग, केबल, फूड प्रोसेसिंग व अन्य उद्यम शामिल हैं। 30 सेकंड भी बिजली गुल हो तो जितना माल मशीन में लगा है, वह बर्बाद हो जाता है। बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से उत्पादन क्षमता भी प्रभावित हो रही है। एक बार बिजली जाने पर जनरेटर शुरू होने और दोबारा कारखाना में उसी तापमान तक पहुंचने और उसके निर्धारण में समय लगता है। लिहाजा, एक स्लॉट का उत्पादन प्रभावित होता है। ब्यूरो
प्रभावित हो रहा उत्पादन
बिजली कटौती की समस्या नहीं है पर ट्रिपिंग और फाॅल्ट हो रहे हैं। लिहाजा, जनरेटर चलाना पड़ता है। इससे माल का उत्पादन भी प्रभावित होता है। - राजेश गुप्ता, अध्यक्ष, सेंट्रल यूपी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री सोसायटी
फाॅल्ट व ट्रिपिंग की दिक्कत है। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ता है, पर बिजली अफसरों का पूरा सहयोग मिल रहा है। - अभिनव अग्रवाल, अध्यक्ष, सेंट्रल यूपी चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्री वेलफेयर एसोसिएशन
गर्मी में ट्रिपिंग बढ़ी है। बिजली जाने से प्रोडक्शन लाइन ठप हो जाती है। उसे दोबारा शुरू करने से समय बर्बाद होता है। साथ ही, माल खराब होने से उत्पादन भी प्रभावित होता है। - मयूर धीरवानी, उद्यमी
लंबे समय तक बिजली कटौती नहीं होती। सिर्फ ट्रिपिंग की समस्या हो रही है। करीब आधे, एक घंटे भी अगर बिजली न रहे तो इसका प्रभाव उत्पादन पर पड़ता ही है। - तनुज भसीन, चैप्टर चेयरमैन, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन