बरेली। तप रहे मौसम में जरा सी बेपरवाही बच्चों की सेहत पर भारी पड़ रही है। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 128 बच्चे इलाज के लिए पहुंचे। इसमें 86 बच्चे बुखार से तप रहे थे। 30 बच्चों में डायरिया और डिहाइड्रेशन के लक्षण मिले। 16 बच्चे अस्पताल में भर्ती किए गए।
रविवार को अवकाश के बाद सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की कतार लग गई थी। जिला अस्पताल में 12 सौ और तीन सौ बेड अस्पताल में इलाज को छह सौ मरीज पहुंचे। इनमें बच्चों की तादाद एक बार फिर बढ़ी रही। आम दिनाें में इलाज को 80-90 बच्चे ही इलाज को पहुंचते हैं, पर अब तादाद सौ के पार 128 जा पहुंची। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप गुप्ता के मुताबिक जो बच्चे बीमार हो रहे हैं, वे जल्द दवाओं से ठीक नहीं हो रहे। ऐसी स्थिति में अभिभावकों काे भी इलाज करीब सप्ताह भर चलेगा, इसकी जानकारी दे रहे हैं।
फिजिशियन को दिखाने के लिए पहुंचे 369 मरीज
ओपीडी में सर्वाधिक फिजिशियन और चेस्ट फिजिशियन संबंधित 369 पर्चे बने। इसके चलते ओपीडी में कक्ष के बाहर दोपहर दो बजे तक डॉक्टर को दिखाने के लिए मरीजों की कतार लगी रही। वहीं, तेज धूप में तपती टिन की चादर के नीचे दवा लेने के लिए काउंटर पर मरीज और तीमारदार कतार में लगे रहे। दूसरी ओर, पैथोलॉजी में भी जांच के लिए 180 रक्त के नमूने लिए गए।
गंभीर हालत में पहुंची गर्भवती, मौत
बरेली। महिला अस्पताल में गंभीर हालत में परिजन गर्भवती को लेकर पहुंचे। जांच में पता चला कि गर्भवती एनीमिक है और गर्भस्थ शिशु भी उल्टा है। उसे भर्ती कर इलाज शुरू किया, पर राहत न मिलने पर उसे रेफर किया जा रहा था। तभी उसकी मौत हो गई। महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद के मुताबिक पुराना शहर निवासी फुरकान ने गर्भवती पत्नी शाहीन को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल पहुंचे थे। जांच की गई तो गर्भस्थ शिशु उल्टा होने का पता चला। गर्भवती की हालत भी बिगड़ती जा रही थी। सूचना पर उन्होंने तत्काल गर्भवती को हायर सेंटर रेफर किए जाने के निर्देश दिए। इधर, स्टाफ जरूरी गतिविधि कर रहा था, तभी गर्भवती ने दम तोड़ दिया। ब्यूरो