50 फीसदी टैरिफ से रुहेलखंड से ठप पड़ा है मेंथॉल, हर्बल, जरी जरदोजी व अन्य उत्पादों का निर्यात
बरेली। चीन पर अमेरिका की ओर से लगाए गए 100 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ को जिले के निर्यातक अपने लिए राहत मान रहे हैं। मेंथॉल उत्पादों का सर्वाधिक निर्यातक रुहेलखंड क्षेत्र से होता है। चीन पर एक नवंबर से सौ फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लागू होने पर बरेली के निर्यातकों को अमेरिका से सीधे ऑर्डर मिलने की आस है।
मेंथॉल कारोबारी एवं निर्यातक गौरव मित्तल के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लागू होने से अमेरिका से ऑर्डर मिलने बंद हो गए। इसके चलते एशियाई देशों में कारोबार शुरू हुआ। भारत से मेंथॉल, मिंट का सर्वाधिक निर्यात चीन में होता है। जो मेंथॉल क्रिस्टल बनाकर अमेरिका निर्यात करता है।
सौ फीसदी अतिरिक्त टैरिफ के साथ चीन पर कुल टैरिफ 130 फीसदी हो गया है। ऐसे में भारत के सापेक्ष चीन से मिंट उत्पाद की खरीदारी अमेरिका डीलरों को महंगी पड़ेगी। जिससे वे भारत की ओर रुख करेंगे।
जरी कारोबारी शाकिर अली के मुताबिक जरी कारीगरी का मुख्य केंद्र बरेली है। यहां से देश समेत विदेश में साड़ी, लहंगा अन्य निर्यात होते हैं। हालांकि, अमेरिकी टैरिफ के चलते कारोबार खास प्रभावित हुआ।
न ऑर्डर रद्द हुए न मिल रहे, सुधार का इंतजार
हर्बल उत्पाद निर्यातक निहाल सिंह के मुताबिक, 50 फीसदी अमेरिकी टैरिफ लागू होने के बाद जो ऑर्डर मिले थे, उनकी डिलीवरी नहीं हो सकी। नए ऑर्डर भी नहीं मिल रहे। चीन पर सौ फीसदी ट्रंप टैरिफ लागू हुआ तो अमेरिकी डीलर वियतनाम, तुर्किए की ओर रुख करेंगे, क्योंकि भारत के सापेक्ष इन देशों से कारोबार सस्ता रहेगा। ब्यूरो