बरेली। आस्ट्रेलियन युवती जिवियन और बरेली के हरमीत की शादी में अभी कम अड़ंगे नहीं हैं। जिवियन को एसडीएम सदर के यहां से शादी का सर्टिफिकेट लेने के लिए आस्ट्रेलियन दूतावास से एनओसी मंगानी होगी। इसके बिना शादी की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकेगी। इसीलिए एसडीएम सदर अपूर्वा दुबे ने दूतावास से एनओसी के लिए पत्र लिखा है।
शुक्रवार को दोनों कोर्ट मैरिज के लिए एसडीएम सदर के सामने पेश हुए थे। उन्हें एक महीना बाद की तारीख दी गई है । तब तक एनओसी मिल जाती है तो ठीक, अन्यथा उन्हें शादी की कानूनी मान्यता के लिए इंतजार करना होगा। रविवार को फ्रेंडशिप डे के दिन युवक हरमीत आस्ट्रेलियन युवती जिवियन और अपनी मां के साथ नानक मत्था और नैनीताल चले गए हैं।
30 वर्षीय जिवियन कंट्रीयाना आस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रदेश की रहने वाली हैं। राजेंद्र नगर में रहने वाले 28 वर्षीय हरमीत सिंह ने एक प्राइवेट कालेज से एमबीए किया है। वर्ष 2010 में उनकी इंटरनेट पर जिवियन से मुलाकात हुई। इसके बाद से लगातार दोनों एक-दूसरे से टेक्स्ट और कॉल और वीडियो कॉल के जरिए संपर्क में बने रहे। दोस्ती प्रेम में बदली और शादी का फैसला हुआ। पिता अमरजीत सिंह भल्ला बताते हैं कि बेटे की इंटरनेट फ्रेंड के बारे में परिवार में सबको पहले से जानकारी थी, पर एक महीना पहले जब उसने शादी का फैसला सुनाया तो हम चिंतित हो गए। बेटे को समझाया भी। जब जिवियन और उनकी मां से बात हुई तो बेटे का फैसला ठीक लगा। एक जुलाई को वह दिल्ली आई, जहां से वह होने वाली बहू को लेकर बरेली आए।
लिखित सहमति से हो रही है शादी
अमरजीत सिंह ने बताया कि जिवियन अपने मां, बड़ी बहन और भाई के साथ रहती हैं। भाई आस्ट्रेलियन सेना में हैं। जबकि पिता अलग रहते हैं। उनका कहना है कि मैंने शादी के लिए हामी तब भरी जब जिवियन की मां और पिता की सहमति मिल गई, दोनों ने लिखित में सहमति दी है। जिवियन की मां बीमार होने के कारण भारत नहीं आ सकी हैं। दोनों ने शादी के लिए लीगल डाक्यूमेंट तैयार कर लिए हैं।
आस्ट्रेलिया में पत्नी संग रहेंगे हरमीत
अमरजीत ने बताया कि कोर्ट मैरिज के बाद गुरूद्वारे में दोनों की शादी कराई जाएगी। इसके बाद बेटा आस्ट्रेलिया में ही सेटल होगा। हरप्रीत एमबीए कर चुके हैं। हरमीत का आस्ट्रिया में नौकरी करने का इरादा है । हरप्रीत के बड़े भाई ने भी प्रेम विवाह किया था जो रुद्रपुर में रहकर बैंक में नौकरी करते हैं।
पिता बोले, घूमकर भारत को जान पाएंगी जिवियन
आस्ट्रेलियाई जिवियन छह महीने के वीजा पर भारत आईं हैं। उन्हें हरमीत कई स्थानों पर घूमाने ले जा रहे हैं। इस दौरान जिवियन को भारतीय पर्यटन स्थलों के साथ-साथ यहां की संस्कृति की जानकारी भी हो जाएगी।
एनओसी का ये है नियम
भारतीय युवक से विदेशी महिला से शादी के लिए उसके माता पिता की ओर से अनापत्ति चाहिए। यह सहमति वहां के काउंटी और मेयर के सामने होती है। जिसे वहां की अथारिटी दूतावास के माध्यम से भेजा जाता है।
‘अस्ट्रेलिया दूतावास को एनओसी के लिए हरमीत और जिवियन की शादी का विवरण भेज दिया है। वहां से एनओसी आने के बाद ही कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।’ अपूर्वा दुबे, एसडीएम सदर