रानीखेत की गरुड़ डिवीजन में संयुक्त अभ्यास पर आए अमरीका के कमांडो को स्वदेश भेजने के लिए त्रिशूल एयरबेस पर अमेरीका और भारतीय दूतावास का त्रिशूल एयरबेस पर चार घंटे के लिए कैंप आफिस बना दिया गया। यहीं पर यूनाइटेड स्टेट और भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने 115 अमेरिकी सैनिकों को अमरीका भेजने की औपचारिकताएं पूरी कराईं। थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) की ओर से भी उनकी रवानगी की प्रक्रिया अपनाई गई।
अमेरिकी और भारत के 250 स्पेशल कमांडो ने संयुक्त रूप से रानीखेत में नई तकनीक का 15 दिन युद्ध अभ्यास 15 से लेकर 30 सितंबर तक किया था। दोनों देशों के कमांडों ने एक दूसरे देश से जुड़ी तकनीक का प्रशिक्षण गरुड़ डिवीजन रानीखेत के कैप्टन कर्मजीत सिंह के नेतृत्व में हुआ। जिसके लिए अमेरिकी सेना के 115 कमांडो 13 सितंबर को विशेष विमान से सीधे त्रिशूल एयरबेस पर आए थे। जो कि अगले दिन सेना की स्पेशल बसों से रानीखेत के लिए रवाना हो गए थे। वहां पर भारतीय सेना के कमांडों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण हुआ। उसके बाद दो अक्तूबर कोे अमेरिकी सैनिकों का यह दल सेना की स्पेशल बस से रानीखेत से बरेली आ गया।