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बिखरे विपक्ष भारत बंद फ्लॉप 

Tue, 29 Nov 2016 01:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
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India off-flops scattered opposition - फोटो : India off-flops scattered opposition
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 भारत बंद की बरेली में भी हवा निकल गई। कारोबारियों ने विपक्षी दलों द्वारा बुलाए गए भारत बंद से पूरी तरह किनारा कर लिया। दुकानदार सुबह से ही दुकान खोलकर बैठ गए और देर रात तक कारोबार करते रहे। कांग्र्रेस ने सिर्फ जन आक्रोश रैली निकालकर विरोध किया। वहीं भाकपा माले ने कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। सपा और बसपा भारत बंद में शामिल नहीं थी। इसी बहाने मजबूत विपक्ष की एक कमजोर तस्वीर भी सामने आ गई। 
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बरेली में व्यापारियों ने पहले ही बता दिया था कि वे बंद का समर्थन नहीं करेंगे। बंद फ्लाप होने का बड़ा कारण व्यापारियों से पहले से कोई संपर्क न साधा जाना भी रहा। उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय महासचिव राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि बंद का आह्वान करने वालों ने उनसे संपर्क ही नहीं किया। कपड़ा, मोबाइल, ऑटोमोबाइल, दवा, अस्पताल, ट्रांसपोर्ट और किराना बाजार खुले रहे। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल अध्यक्ष शोभित सक्सेना का कहना था कि सरकार का पुराने नोट बंद करने का फैसला अभी तकलीफ दे रहा है लेकिन आगे इसके फायदे हाेंगे। व्यापारी इसीलिए बंद को समर्थन नहीं दे रहे। कुतुबखाना, सिविल लाइंस, बटलर प्लाजा, नावल्टी, कार बाजार, शहामतगंज, संजयनगर, सैलानी, बड़ाबाजार, इस्लामियां मार्केट, किला, सुभाषनगर आदि सभी प्रमुख बाजार खुले रहे। 

समाज सेवा मंच ने किया स्वागत 
समाज सेवा मंच के नदीम शम्सी ने बाजार खोलने के लिए दुकानदाराें का स्वागत किया और  उनका धन्यवाद दिया। उनका कहना था कि बाजार बंद से जनता को दिक्कत होती और पिछले दिनाें से चल रहा नुकसान और बढ़ जाता।  युवा बरेली सेवा क्लब  ने अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। इसमें पुराने पांच सौ और एक हजार के नोट बंद करने पर उनका धन्यवाद अदा किया गया। 
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वामपंथियों ने दिया धरना
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भाकपा, भाकपा माले ने संयुक्त रूप से नोटबंदी के खिलाफ सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अफसरों को सौंपा। वामपंथी कार्यकर्ता सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में एकत्र होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने पांच सौ और एक हजार के नोटों को बंद करने का फैसला वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन और ज्ञापन देने वालों में राजीव शांत, सीपीआई के जिला मंत्री राजेश तिवारी, अफरोज आलम, शंभूदत्त बेलवाल, तारकेश्वर, कमालुद्दीन, आबिद, कुलवंत सिंह, एके ऋषि, सरताज मियां व अन्य शामिल रहे। राष्ट्रीय पैगामे अमन काउंसिल ने भी भारत बंद का समर्थन किया। राशिद अली चमन ने मजदूरों की दिक्कत पर अफसोस जाहिर किया। आल इंडिया मुस्लिम मजलिस के सरताज हुसैन ने सभा कर कहा कि अच्छे दिन की जगह बुरे दिन आ गए। जनशक्ति एकता पार्टी के अंजुम बेग ने भी नोटबंदी पर विरोध जताया। 
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