बरेली। बुलियन मार्केट के दिग्गज प्रदीप कुमार अग्रवाल पर आयकर अफसरों की निगाहें नोटबंदी के दौरान ही जम गई थीं। छापा अब जरूर पड़ा लेकिन इस बीच वह लगातार आयकर विभाग के रडार पर रहे। आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक नोटबंदी और उसके बाद इस सराफ ने करोड़ों का बेनामी लेनदेन किया, लिहाजा माना जा रहा है कि टैक्स चोरी और हेराफेरी भी करोड़ों में हो सकती है। सूत्रों का दावा तो यहां तक है कि नोटबंदी के दौरान इस सराफ से लेनदेन करने वाले शहर के कई बड़े अधिकारी भी आयकर विभाग की इस कार्रवाई की चपेट में आ सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक सराफ ने नोटबंदी के दिन स्क्वॉयर बारी ने जमकर कारोबार किया। बेनामी पर्चियां काटने के भी सबूत भी आयकर टीमों को मिले हैं। पिछले साल भी इस कारोबारी ने जबरदस्त व्यापार किया है, यहीं से विभाग को और सूत्र मिले कि यह कारोबारी किस तरह करोड़ों रुपये का कारोबार खामोशी से कर रहा है। प्रदीप अग्रवाल और उनकी फर्म ने नोटबंदी के दौरान, इस दौरान सोने के थोक कारोबार में बड़े पैमाने पर बेनामी काम किया। आयकर टीम को सबूत मिले हैं कि कई लोगों ने नोटबंदी के दौरान अपने पुराने नोट खपाने के लिए इस कारोबारी से बड़ी मात्रा में सोना खरीदा। यह सिलसिला इसके बाद भी जारी रहा। बताया जा रहा है कि प्रदीप ने नोटबंदी में बड़े पैमाने पर पुराने नोट भी बैंकों में जमा कराए थे, इसलिए जिन लोगों ने उनसे बेनामी सौदे किए हैं, उनके रिकॉर्ड भी खंगाले जाएंगे। विभागीय सूत्रों के मुताबिक इसमें कई चर्चित अधिकारी भी शामिल हैं। जांच प्रक्रिया के बाद और बेनामी सौदे करने वालों के नामों का मिलान होने के बाद खुलासा हो सकता है।
प्रदीप का कैश लूटने के बाद मारे गए थे दो बदमाश
प्रदीप अग्रवाल के सोने की कुछ महीने पहले लूट हुई थी जिसके बाद पुलिस ने दो लुटेरों को मुठभेड़ में मार गिराया था। हालांकि बाद में इस मुठभेड़ पर भी सवाल उठे थे। मारे गए बदमाशों के परिवार वालों ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने दोनों को पहले ही पकड़ लिया था और बाद में उन्हें अहलादपुर गांव ले जाकर फर्जी मुठभेड़ में मार दिया।