पल-पल की जानकारी जुटाते रहे कारोबारी
मंगलवार देर शाम से चल रहे छापे की जानकारी बुधवार सुबह हुई तो उद्यमियों और कारोबारियों में हलचल मच गई। वह एक-दूसरे को फोन कर पल-पल की अपडेट लेने की कोशिश करने लगे। फैक्टरी संचालक का फोन स्विच ऑफ होने से कयासों का दौर जारी रहा। कोई सौ तो दो कोई दो सौ करोड़ की टैक्स चोरी का अनुमान जताता रहा। गोपनीयता के चलते अफसरों ने कुछ कहने से इन्कार कर दिया।
आयकर में हेराफेरी की आशंका
बताया जाता है कि सुपीरियर शराब फैक्टरी की ओर से जमा किए जा रहे आयकर के रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर अनियमितता मिली है।