शनिवार को संक्रमित पाया गया था डीएम ऑफिस के कंट्रोल रूम का कर्मचारी
बरेली। संक्रमितों को कोविड अस्पताल में भर्ती कराने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग किस तरह पूरी कर रहा है, इसकी एक और मिसाल रविवार को सामने आई। शनिवार को सिकलापुर में संक्रमित मिले जिस शख्स को रात में ही कोविड अस्पताल में भर्ती कराना था, रविवार की दोपहर तक एंबुलेंस न आने पर उसे भर्ती होने खुद पैदल चलकर तीन सौ बेड अस्पताल पहुंचना पड़ा।
सिकलापुर में संक्रमित मिला यह शख्स कलक्ट्रेट के कंट्रोल रूम का कर्मचारी है जिसकी शनिवार को पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी। संक्रमित के मुताबिक उसने खुद ही देर रात अफसरों को फोन करके एंबुलेंस भेजने और अस्पताल में भर्ती कराने को कहा था। इसके बावजूद रात भर एंबुलेंस नहीं पहुंची। रविवार को भी दोपहर तक एंबुलेंस नहीं आई तो उसने स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम के साथ अफसरों को कई बार कॉल की। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद वह खुद ही पैदल घर से निकल पड़ा और भर्ती होने के लिए तीन सौ बेड अस्पताल पहुंच गया।
कटरा चांद खां का संक्रमित भी 24 घंटे घर पर ही पड़ा रहा
कटरा चांद खां में संक्रमित मिला शख्स भी 24 घंटे घर पर ही रहा। पार्षद छंगामल मौर्य ने बताया कि उन्होंने संक्रमित को भर्ती कराने के लिए देर रात फोन किया था मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। सुबह से लेकर रविवार दोपहर तक करीब डेढ़ सौ से ज्यादा कॉल की गईं लेकिन इसके बावजूद न कोई ठीक जवाब मिला न एंबुलेंस आई। शाम को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर पर कॉल की तो वहां से स्वास्थ्य विभाग को निर्देेश दिए गए। इसके बाद शाम पांच बजे आई एंबुलेंस संक्रमित को कोविड अस्पताल ले गई।
दो दिन पहले हुई थी संक्रमित की पत्नी की मौत, अंत्येष्टि में पहुंचे सौ लोग
पार्षद छंगामल के मुताबिक दो दिन पहले संक्रमित की पत्नी की मौत जिला अस्पताल में हुई थी। वह सांस रोग से पीड़ित थी। उसका सैंपल लेकर ट्रूनाट से जांच कराई गई थी मगर रिपोर्ट निगेटिव आई। उसी दिन शव घर आया तो इलाके के सौ से ज्यादा लोग घर पहुंचे थे। संक्रमित पति ने ही सारी व्यवस्था की थी। अंत्येष्टि में भी तमाम लोग शामिल हुए थे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से इलाके में सैंपलिंग की मांग की है।