इनामुल हक की फेसबुक आईडी में लगा फोटो।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
इनामुल पूरी तरह जिहादी मानसिकता का व्यक्ति है। वह इंटर पास होने के बाद भी कई भाषाओं का जानकार और इंटरनेट का मास्टर है। उसने कई आईडी बनाकर भड़काऊ वीडियो और संदेश डाले थे। अलकायदा के झंडे और प्रतिबंधित संगठनों का साहित्य डाला तो फेसबुक ने उसे दो बार डिसेबल कर दिया, लेकिन वह तब भी बाज नहीं आया और दूसरे नामों से आईडी बना ली।
अब भी एक संदिग्ध आईडी मूसा आर्मी के नाम से इनामुल की फेसबुक आइडी से जुड़ी है, लेकिन प्राइवेसी लगी होने के कारण इसका स्क्रीनशॉट नहीं लिया जा सकता है। हालांकि इनामुल के साथ जितने लोग जुडे़ है, उनमें अधिकतर कश्मीर के हैं और देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। जांच में इनामुल की केरल के लोगों से जुड़ाव की बात भी सामने आई है।
हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर था जाकिर मूसा
बुरहान बानी के मारे जाने के बाद हिजबुल मुजाहिदीन की कमान जाकिर मूसा ने संभाली थी। अलगाववादी नेताओं से विवाद के बाद सन 2017 में जाकिर ने अंसार गजवातुल हिंद नाम का संगठन बना लिया था। उसे अलकायदा की शाखा कहा जाता है। जाकिर मूसा उर्फ रशीद भट्ट चंडीगढ़ के कॉलेज से इंजीनियरिंग कर रहा था, लेकिन जिहादी मानसिकता के चलते वह पढ़ाई छोड़कर हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ गया।
वह सोशल साइट्स पर बहुत अधिक सक्रिय रहता था और युवाओं को भड़काकर संगठन से जोड़ता था। मई 2019 में जम्मू कश्मीर के त्राल में सुरक्षाबलों ने उसे मार गिराया था। माना जा रहा है कि इनामुल तब से ही इस संगठन से जुड़ा हो सकता है।
वर्तमान में इस संगठन की कमान गाजी इब्राहिम खालिद के हाथ में है। एजेंसी पता कर रही है कि कहीं खालिद से भी तो इनामुल के तार नहीं जुडे़ हैं।
घर में ताला, गली में सन्नाटा
शुक्रवार को इनामुल के घर के दरवाजे पर ताला लगा था। गली में सन्नाटा था। कुछ लड़के बाहर खेल रहे थे जो कैमरा देखकर घरों में चले गए। पड़ोसियों ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद से अभी तक पंतनगर से भी इनामुल के परिवार का यहां कोई नहीं आया है।
पुलिस भी नहीं आई है। पड़ोसियों के मुताबिक, इनामुल और मुनीर को एटीएस पकड़कर ले गई थी। उसके एक घंटे बाद दोबारा एटीएस और पुलिस के लोग घर आए थे। उन्होंने कमरों की तलाशी ली और काफी सामान लेकर चाबी पड़ोसी को देकर चले गए।