बरेली। उत्तर प्रदेश शासन ने कॉलेजों में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उनकी उपस्थिति का डाटा पोर्टल पर अपलोड करने का आदेश दिया है। हर माह की चार तारीख तक डाटा अपलोड करना अनिवार्य है। बरेली कॉलेज में इस आदेश का पालन करना व्यावहारिक रूप से ही संभव नहीं दिख रहा है। कॉलेज में पंजीकृत विद्यार्थियों के सापेक्ष बैठने के संसाधन पर्याप्त नहीं हैं। बुनियादी ढांचा भी चुनौती बना हुआ है।
शहर के दूसरे कॉलेजों के अपेक्षा बरेली कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या सर्वाधिक है। वर्तमान में विभिन्न संकायों में 14,000 हजार से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के प्रयास करें। इसका डाटा नियमित अपलोड करें। वहीं, अगर सभी विद्यार्थी कॉलेज में रोजाना आएं, तो उनके बैठने की पर्याप्त सुविधा नहीं है।
कॉलेज में 110 कक्ष बने हैं। इनमें से कुछ का उपयोग सेल्फ फाइनेंस कोर्स की कक्षाएं संचालित करने के लिए होता है। इससे अन्य पाठ्यक्रमों के लिए उपलब्ध कक्ष और कम हो गए हैं। एक कक्षा में औसतन 80 से 100 विद्यार्थियों को भी बैठाया जाए, तब भी कॉलेज की कुल क्षमता 9,000 से 11,000 छात्र-छात्राओं को बैठाने तक ही सीमित है। ऐसे में 3,000 से 4,000 विद्यार्थियों के न बैठने की जगह है, न ही पर्याप्त फर्नीचर है। संवाद
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विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा देने के लिए नई रणनीतियां बनाई जा रही हैं। कोशिश है कि सभी विद्यार्थियों को अच्छी-से-अच्छी शिक्षा मिल सके। इसके लिए विद्यार्थियों को रोजाना आना जरूरी है। - प्रो. ओपी राय, प्राचार्य, बरेली कॉलेज