In the month of Eidat, keep a watch from loudspeakers
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
इबादत के माह रमजान में सहरी के लिए उठाने को मस्जिद की ओर से अब सिर्फ एक घंटा पहले ही माइक से घोषणा की जाएगी। पाक महीने के आगाज पर शुक्रवार को जामा मस्जिद के पेशे इमाम कारी हामिद रजा की अध्यक्षता में सभी मस्जिदों के इमामों की बैठक में यह फैसला लिया गया। अब तक सहरी के लिए मस्जिदों से तीन घंटे पहले से ही अनाउंसमेंट शुरू हो जाता था। साथ ही इमामों ने सभी से अपील की है कि रात दस बजे के बाद लाउडस्पीकर से तकरीरें और नाद न बजाएं। इमामों का मानना है कि रोजा रखकर इबादत करने वाले रोजेदार ही लाउडस्पीकर की आवाज से परेशानी महसूस करते हैं। साथ ही दूसरे समुदाय के लोगों की नींद में भी खलल पड़ता है।
बैठक में इमामों ने रमजान की तैयारियों पर चर्चा के दौरान लाउडस्पीकर के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। जामा मस्जिद के कारी हामिद रजा ने कहा कि इस्लाम किसी का दिल दुखाने की इजाजत नहीं देता है। रात के समय माइकों से होने वाला शोर किसी के लिए भी मुनासिब नहीं है। बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि सहरी के समय के लिए मस्जिदों से माइक पर घोषणा सिर्फ एक घंटा पहले की जाएगी। रात दस बजे के बाद लोग अपने घरों में माइक से नाद, तकरीरें या इनकी कैसेट न बजाएं। यह भी फैसला लिया गया कि कलेंडर के मुताबिक ही मगरिब की अजान और खत्म सहरी का एलान सभी मस्जिदों से एक ही वक्त पर किया जाएगा। बैठक में मौलाना असगर अली मिसवाही, मौलाना अली रजा, मौलाना आबिद हुसैन, हाफिज मुअज्जम रजा, कारी अनीसुर्रहमान, मौलाना इस्राइल साहब और मौलाना नफीस आदि मौजूद रहे। बैठक में लिए फैसले को पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेंद्र कुमार शुक्ला, मुन्ना पांडेय, भाजपा नेता नीरेंद्र सिंह राठौर, प्रेम प्रकाश रस्तोगी, प्रधान धीरेंद्र गंगवार, मनोज शर्मा आदि ने स्वागत किया है।