क्रय केंद्र प्रभारी खुद भेज रहा है किसानों को राइस मिल, समर्थन मूल्य के बजाय मिल रहा है 17 सौ रुपये का रेट
एक पीड़ित किसान ने केंद्र प्रभारी से बातचीत का ऑडियो-वीडियो किया वायरल
सीएम हेल्पलाइन पर की शिकायत, एफआईआर कराने का दावा कर रहे हैं अफसर
फरीदपुर। धान की सरकारी खरीद में भ्रष्टाचार के रिकॉर्ड एक-एक कर टूटते जा रहे हैं। पहले कस्बे के क्रय केंद्र पर कमाई के बंटवारे के चक्कर में एक मंत्री और विधायक के समर्थकों में ठन गई थी, अब बुधौली क्रय केंद्र का धान समर्थन मूल्य के बजाय 17 सौ रुपये के रेट में सपा नेता की राइस मिल में तुलवाने का मामला सामने आया है। पीड़ित किसान ने इस पूरे घटनाक्रम का ऑडियो और वीडियो वायरल कर सीएम की हेल्पलाइन के साथ अफसरों से भी शिकायत की है। अफसर अब केंद्र प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कह रहे हैं।
खटोली गांव में रहने वाले किसान रामगोपाल सिंह के बेटे विनोद एक दिसंबर को धान लेकर बुधौली क्रय केंद्र पर गए थे। वहां केंद्र प्रभारी ने बारदाना न होने का बहाना बनाते हुए तौल न हो पाने की बात कही और उन्हें भुता में एक सपा नेता की राइस मिल पर भेज दिया। उनसे कहा कि धान राइस मिल पर तुलवाने के बाद क्रय केंद्र पर आकर मशीन पर अंगूठा लगाकर धान चढ़वा लेने को कहा। विनोद के मुताबिक केंद्र प्रभारी के कहने पर वह धान लेकर सपा नेता की राइस मिल पर पहुंचे जहां उनके धान का वजन 83 क्विंटल 35 किलो बैठा।
राइस मिल ने अपने धर्मकांटे की रसीद किसान को देकर क्रय केंद्र के प्रभारी को दे देने को कहा। विनोद के मुताबिक उन्होंने रसीद पर जब 17 सौ रुपये प्रति क्विंटल का भाव देखा तो इसका विरोध किया। इस पर राइस मिलर ने उन्हें बताया कि केंद्र प्रभारी ने उन्हें फोन पर जो रेट बताया है, वही उन्होंने रसीद पर लिखा है।
विनोद ने इसके बाद बुधौली में क्रय केंद्र प्रभारी से धान चढ़ाने को कहा तो उसने पॉप मशीन खराब होने का बहाना बनाकर टाल दिया। विनोद के मुताबिक उन्होंने अपने धान का रेट पूछा तो केंद्र प्रभारी ने भी 17 सौ प्रति क्विंटल का रेट बताया। कहा, 240 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब वजन कम करके चढ़ाया जाएगा और भुगतान उसके खाते में भेज दिया जाएगा। विनोद ने क्रय केंद्र प्रभारी से बातचीत का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। विनोद ने इस मामले में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत की है। शिकायत के बाद अफसर केंद्र प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी में हैं।
फरीदपुर सोसायटी पर भी नहीं तौला जा रहा किसानों का धान
फरीदपुर सोसायटी पर बने धान क्रय केंद्र पर किसानों का धान नहीं तौला जा रहा है। यहां किसान धान लेकर पहुंचते हैं तो उन्हें कहीं पंखा चलने का बहाना बना दिया जाता है तो कहीं बारदाना न होने का बहाना बनाकर लौटा दिया जाता है। परेशान करने के बाद उसे राइस मिल पर धान ले जाने को कह दिया जाता है। जब किसान मिल पर पहुंचता है तो वहां उसका धान सरकारी रेट में नहीं खरीदा जाता है। इसकी शिकायत किसानों ने कई बार अधिकारियों से भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि बिचौलियों का धान केंद्र पर चढ़ाया जा रहा है।
पिछले साल खाद्य मंत्री ने मारा था इस राइस मिल पर छापा
भुता की जिस राइस मिल पर किसानों को भेजकर धान की तौल कराकर गोलमाल किया जा रहा है वह एक सपा नेता की साझेदारी में है। किसानों को जो रसीद दी गई है वह भी इसी राइस मिल की है। इस राइस मिल पर गोलमाल की शिकायत पर पिछले साल खाद्य, रसद और नागरिक राज्यमंत्री छापा मार चुके हैं। तब भी स्टॉक में गड़बड़ी मिली थी। राज्यमंत्री ने राइस मिल के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे।
वीडियो की जानकारी मिली है। धान क्रय केंद्र प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। धान खरीद में किसी प्रकार की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - सुनील भारती, डिप्टी आरएमओ