बच्ची की मौत पर बिलखते पिता दिनेश ने बताया कि उनकी पत्नी निर्मला की मौत कई साल पहले हो चुकी है। घर में सिर्फ दो बेटियां ही थीं। गरीबी के कारण वह घर में शौचालय नहीं बना सके लेकिन इसका उन्हें अब बेहद अफसोस है। बता दें कि इस इलाके में खुले में फेंके गए मांस के टुकड़े खाकर आदमखोर हुए कुत्ते इससे पहले करीब 25 बच्चों को काटकर घायल कर चुके हैं।
लोग कई बार नगर निगम को सूचना दे चुके हैं लेकिन नगर निगम की टीम कभी आवारा कुत्तों को पकड़ने नहीं आई। शुक्रवार को जरूर इस घटना के बाद गांव वालों का गुस्सा देखते हुए पार्षद धर्मवीर साहू की सूचना पर निगम से आई टीम गांव से छह कुत्तों को पकड़कर ले गई।