नगर निगम के अफसरों से पूछा- क्या ऐसे ही बनाएंगे स्मार्ट सिटी
एक महीने की मोहलत, सुधार न होने पर बड़ी कार्रवाई की चेतावनी
बरेली। नगर निगम के अधिकारियों को हैरान करते हुए रात करीब साढ़े दस बजे सर्किट हाउस से निकले प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने दस किलोमीटर का सफर कर शहर का दौरा किया। वह जहां-जहां से गुजरे, हर तरफ गहरे गड्ढों और भीषण गंदगी ने उनका स्वागत किया। आखिरकार तल्ख स्वर में उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि क्या इसी तरह स्मार्ट सिटी बनाएंगे। नगर निगम अधिकारियों को उनसे कई बार फटकार खानी पड़ी। मंत्री ने उन्हें एक महीने का समय दिया, कहा कि यदि सुधार नहीं हुआ तो बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विकास भवन में बैठक के बाद सर्किट हाउस पहुंचे प्रभारी मंत्री ने प्रशासन के अधिकारियों और नगर आयुक्त समेत नगर निगम के दूसरे अफसरों से कुछ देर बात करने के बाद रात करीब 10.40 पर शहर का दौरा करने निकले। दौरे का पहला पड़ाव बाकरगंज था जहां पहुंचते ही वह हर तरफ डंप किए गए कूड़े की तेज दुर्गंध से बेचैन हो गए। पहले तो वह गाड़ी से नीचे उतरने से हिचकिचाए। साथ चल रही पुलिस से उन्होंने आगे बढ़ने को भी कह दिया लेकिन आगे रास्ता ब्लॉक था। इसी बीच मंत्री की गाड़ी रुकी देख तमाम लोग इकट्ठे हो गए। उन्हें देखकर प्रभारी मंत्री वहीं उतर गए।
लोगोें की समस्याएं सुनने के बाद प्रभारी मंत्री ने नगर आयुक्त से पूछा कि यहां की स्थिति में कब तक सुधार हो पाएगा। नगर आयुक्त ने बताया कि सथरपुर में नया डंपिंग स्टेशन बन रहा है। दस दिनों में यहां से कूड़ा हटना शुरू हो जाएगा। यहां से प्रभारी मंत्री गढ़ी चौकी, बानखाना, कोहाड़ापीर और डीडीपुरम की सड़क पर हिचकोलों का सफर करते हुए जनकपुरी के पास जाटवपुरा नाले के पास गया। नाले का बुरा हाल देखकर उन्होंने नगर निगम अधिकारियों से पूछताछ शुरू की तो पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान ने बताया कि नाले का निर्माण जल्द शुरू होने वाला है। इसका एस्टीमेट बना लिया गया है। इसके बाद प्रभारी मंत्री संजयनगर, जोगीनवादा, सेटेलाइट, श्यामगंज से रोडवेज बस अड्डे और फिर नावल्टी चौराहे होते हुए अयूब खां चौराहा और चौकी चौराहा से गुजरे।
कई किलोमीटर के इस सफर में प्रभारी मंत्री शहर की जिस भी सड़क से गुजरे, उस पर गहरे गड्ढों और गंदगी ने उनका स्वागत किया। नगर निगम के अधिकारियोें को शायद अंदाजा ही नहीं था कि देर रात के वक्त भी प्रभारी मंत्री शहर का ऐसा दौरा कर सकते हैं। प्रभारी मंत्री ने उनसे पूछा क्या इसी तरह इस शहर को स्मार्ट सिटी बनाएंगे तो उनके चेहरों की हवाइयां साफ उड़ती दिखाई दीं। रात 12.05 बजे सर्किट हाउस आकर प्रभारी मंत्री का दौरा खत्म हुआ।
एक महीने में सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई
दौरा पूरा कर सर्किट हाउस लौटे प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने माना कि शहर की स्थिति हद से ज्यादा बदतर है। सड़क के गड्ढों के सवाल पर वह मुस्कुरा दिए। कहा, अधिकारियों को इस बदतर स्थिति में सुधार के लिए एक महीने का समय दिया गया है। इस दौरान यदि सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।
मेयर की अगुवाई में देखी शहर की दुर्दशा
प्रभारी मंत्री का दौरा पिछले दौरों से अलग रहा। इस बार दौरे की कमान प्रशासनिक अधिकारियों के बजाय भाजपा कार्यकर्ताओं के हाथों में थी। मेयर उमेश गौतम और भाजपा जिलाध्यक्ष ने ही प्रभारी मंत्री को रास्ता दिखाया। शहर के ज्यादातर हिस्सों की दुर्दशा देखने तक प्रभारी मंत्री का दौरा जारी रहा। मंत्री के गाड़ी से उतरते ही नगर निगम के अफसरों की सांसें थमने लगती थीं तो मेयर और भाजपा नेता उन्हें जानकारी देते दिखते। जगह-जगह नगर निगम अधिकारियों को डांट खाकर बुरी तरह शर्मिंदा होना पड़ा।