बरेली। अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद पुलिस सोशल साइट्स पर भी पैनी नजर रख रही है, इसके बाद भी भड़काऊ पोस्ट डालने का सिलसिला जारी है। इस तरह की पोस्ट दो समुदाय के लोगों में विवाद का कारण बन सकती है। मंगलवार को सोशल मीडिया पर तीन भड़काऊ पोस्ट डाली गईं। हिंदू जागरण मंच की तरफ से तीनों पोस्ट के स्क्रीनशॉट पुलिस अधिकारियों को ट्वीट किए गए हैं।
रामगंगानगर आवासीय कॉलोनी निवासी युवक ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा कि शेर को जंजीर में जकड़कर मारते हो। शिकार का ज्यादा शौक है तो खुले शेर का शिकार करके दिखाओ। शेरगढ़ के सलपुरा निवासी युवक ने सोशल मीडिया अकाउंट पर स्टेटस लगाया कि अगर पुलिस खुद ही न्याय करेगी और सजा देगी तो अदालतों पर ताला डाल दिया जाए। इसके अलावा एक युवक ने स्टेटस में अन्य माफिया की लिस्ट भी लगाई है।
हिंदू जागरण मंच के ट्वीट के बाद पुलिस तीनों मामलों की जांच कर रही है। पुलिस ने सोमवार को ही अपने ट्विटर अकाउंट के जरिये लोगों को भड़काऊ पोस्ट न करने की हिदायत थी। इसके बावजूद लोग भड़काऊ पोस्ट कर रहे हैं।
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सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों को पुलिस चिह्नित कर रही है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - राहुल भाटी, एसपी सिटी
हाफिजगंज। प्रयागराज की घटना को लेकर बूंची गांव के झोलाछाप इम्तियाज ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। सोशल मीडिया पर अशरफ और अतीक के फोटो के साथ उसने पोस्ट की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश के लिए टीम गठित की है। इंस्पेक्टर चेतराम वर्मा ने बताया कि उसकी तलाश में दबिश दी गई मगर वह हाथ नहीं आया।