शहर में चल रही बंगाली समाज की पूजा में शनिवार को महादशमी पूजा और सिंदूर उत्सव मनाया गया। लोगों ने जमकर गुलाल खेला। जुलूस निकालकर प्रतिमा का विसर्जन किया गया।
बंगाली कल्चरल एवं वेलफेयर सोसाइटी की की ओर से दुर्गा पूजा पंडाल जंक्शन पर सुबह पौने आठ बजे दशमी की पूजा हुई। इसके बाद दोपहर डेढ़ बजे रामगंगा तट के पास विधि विधान से प्रतिमा का विसर्जन किया गया। ध्रुव चटर्जी ने बताया कि सुबह सोसाइटी के वरिष्ठ सदस्य और पूर्व सचिव शिवेश डे का निधन हो जाने पर विसर्जन जुलूस नहीं निकाला गया। परंपरा निभाते हुए प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस मौके पर असीम बनर्जी, कमल मित्रा, एम पालित, शुभम बागची, अर्जुन चंपामणि आदि मौजूद रहे।
दुर्गा बाड़ी परिसर में सुबह साढ़े नौ बजे विजय दशर्मी पूजा की गई। दर्पण विसर्जन, सिंदूर वरण दोपहर 12 बजे हुआ। दोपहर तीन बजे जुलूस निकाला गया। इस मौके पर समाज के लोग मौजूद रहे।
चौपुला स्थित मनोरंजन सदन में इसी तरह से कार्यक्रम हुए। शोभायात्रा निकालकर मां की प्रतिमा का विसर्जन किया। रोड नंबर चार पर भी ऐसा ही कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।