राज्य निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद नगर निकाय चुनाव कराने का भी मन बना लिया है। इसके लिए सामान्य निर्वाचन 2017 की निर्वाचक नामावली का पुनरीक्षण अभियान शुरू कर दिया गया है। शहर के सभी 70 वार्डों को चार जोन में बांटकर सहायक निर्वाचन अधिकारी नामित कर दिए गए हैं। रजिस्ट्री अधिकारी को अतिरिक्त सहायक निर्वाचन अधिकारी बनाया गया है।
वर्ष 2012 में नगरीय निकाय के चुनाव हुए थे। उसमें नगर निगम बोर्ड का गठन किया गया था। वर्तमान में नगर निगम में सपा के मेयर डॉ. आईएस तोमर और 70 चुने हुए पार्षद हैं। 10 पार्षद शासन से नामित किए गए हैं। अगले चुनाव 2017 में होने हैं। हालांकि इससे पहले विधानसभा चुनाव कराए जाने की अटकलें हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद 2017 में निकाय चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए निर्वाचक नामावली के पुनरीक्षण का काम शुरू कर दिया गया है। पुनरीक्षण अभियान के तहत शहर को चार जोन में बांटा गया है। सिटी मजिस्ट्रेट, अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम, द्वितीय और तृतीय को सहायक निर्वाचन अधिकारी और रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को अतिरिक्त सहायक निर्वाचन अधिकारी बनाया गया है। अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति कुमार सिंह को नगरीय मतदाताओं के पुनरीक्षण 25 जुलाई तक कराने की जिम्मेदारी दी गई है। मतदाता सूची पुनरीक्षण में घटे और बढ़े मतदाताओं का परीक्षण करने के लिए छह सेक्टर आफीसर, 60 पर्यवेक्षक और 570 बीएलओ बनाए गए हैं। नगर निगम के कुछ कर्मचारियों को भी बीएलओ की जिम्मेदारी दे दी गई है। पार्षद इसका फायदा उठाने में लग गए हैं। वह बाबुओं से मिलकर अपने समर्थक मतदाताआें के नाम नई सूची में दर्ज कराने का प्रयास कर रहे हैं।
कोट
जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेश पर नगरीय निकाय मतदाता सूची का पुनरीक्षण अभियान शुरू कर दिया गया है। इसके लिए सहायक निर्वाचन अधिकारी, पर्यवेक्षक, सेक्टर आफीसर और बीएलओ नामित किए जा चुके हैं। 25 जुलाई तक अभियान चलेगा।
- ईश शक्ति कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त