बरेली। धर्म परिवर्तन व सामूहिक निकाह मामले में बैकफुट पर आई इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के पदाधिकारियों को अब धमकियां मिल रही हैं। संगठन के पदाधिकारियों ने एसएसपी को ऐसे 10 मोबाइल नंबरों की सूची सौंपते हुए धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
आईएमसी के प्रदेश संगठन प्रभारी नदीम कुरैशी बुधवार दोपहर एसएसपी अनुराग आर्य से मिले। उन्हें पत्र सौंपकर बताया कि आईएमसी ने धर्म परिवर्तन और सामूहिक निकाह के कार्यक्रम की अनुमति मांगी थी, पर पुलिस-प्रशासन के अनुरोध पर उसे स्थगित कर दिया है। नदीम कुरैशी ने बताया कि 11 जुलाई को सिटी मजिस्ट्रेट को दिए पत्र में उनका मोबाइल नंबर भी लिखा था। यह पत्र बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उसी नंबर पर 14 जुलाई से अब तक अनजान लोग उन्हें कॉल कर धमकियां दे रहे हैं। उन्होंने एसएसपी को ऐसे 10 मोबाइल नंबर दिए, जिनसे धमकियां मिल रही हैं। एसएसपी ने जांच कराकर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है। आईएमसी के प्रतिनिधिमंडल में नदीम कुरैशी के साथ डॉ. नफीस खान व मुनीर इदरीसी आदि शामिल रहे।
आईएमसी प्रमुख की संस्तुति के बिना ही दे दिया कार्यक्रम स्थगन का पत्र, तीन पदाधिकारी निलंबित
आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान ने तीन पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। मौलाना ने दो दिन पूर्व धर्म परिवर्तन और सामूहिक निकाह कराने की घोषणा की थी। 21 जुलाई को प्रस्तावित इस कार्यक्रम के लिए पुलिस-प्रशासन से वार्ता की गई थी। इसके बाद आईएमसी प्रमुख की संस्तुति के बिना ही कार्यक्रम स्थगन के संबंध में पत्र देने पर तीन पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मौलाना तौकीर ने राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. नफीस खान, मीडिया प्रभारी मुनीर इदरीसी, प्रदेश प्रभारी नदीम कुरैशी को नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह में जवाब देने के लिए कहा है। जवाब मिलने तक उन्हें निलंबित रखा जाएगा।
विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन के मामलों की समीक्षा शुरू
बरेली। पुलिस ने विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन के मामलों की समीक्षा शुरू कर दी है। सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन के पूर्व में पंजीकृत या प्रकाश में आए प्रकरणों की समीक्षा की जा रही है। पूर्व के प्रकरणों के संबंध में भी अगर कोई शिकायत प्राप्त होती है तो उसकी भी जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। शासन से इस संबंध में स्पष्ट निर्देश हैं कि विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन के मामलों में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संवाद