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मेडिकल में प्रवेश के नाम पर ठगी

सार

लॉकडाउन में बंद हुआ था कमरा, सांठगांठ से खुलवाकर की ठगी
 
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बैंक धोखाधड़ी - फोटो : pixabay
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विस्तार
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इलाहाबाद के स्वरूपरानी हॉस्पिटल के कर्मचारियों की संलिप्तता भी आ रही सामने
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पुलिस के ढुलमुल रवैया से आहत बुजुर्ग शिक्षक, बोले- कार्रवाई में की जा रही देरी

बरेली। लॉकडाउन लगने से देश में तमाम तरह की गतिविधियां बंद हो गईं और सरकारी संस्थानों पर ताले लग गए। इसका फायदा उठाकर ठगों ने बंद पड़े इलाहाबाद के स्वरूपरानी हॉस्पिटल के एक कमरे का ठगी के लिए इस्तेमाल किया। पीड़ितों को वहां ले जाकर विश्वास में लिया और एमबीबीएस में एडमिशन के नाम पर 34 लाख रुपये की ठगी कर ली। इस मामले में अस्पताल के कर्मचारियों की संलिप्तता भी सामने आ रही है क्योंकि जिस कमरे में ठगी की गई वह लॉकडाउन में बंद किया गया था, मगर आरोपियों ने अस्पताल में सांठगांठ कर उसे खुलवाकर वारदात को अंजाम दे दिया।
राष्ट्रपति से पुरस्कार प्राप्त रिटायर्ड शिक्षक गोवर्धन लाल श्रीवास्तव से ठगों ने पौत्र-पौत्री का एमबीबीएस में एडमिशन कराने का झांसा देकर 34 लाख रुपये ठग लिए। इस मामले में गोवर्धन लाल श्रीवास्तव ने थाना सुभाषनगर में इलाहाबाद के स्वरूपरानी बख्शी हॉस्पिटल के पल्मनरी मेडिसिन विभाग के डॉ. हर्षवर्धन, डॉ. एसके शर्मा, नोएडा सेक्टर 62 आई थंब टावर निवासी सचिन, पंकज खटीक, आदेश, वीरेंद्र और दो अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपियों ने गोवर्धन लाल को उनके पौत्र और पौत्री का एडमिशन मोतीलाल नेहरू कॉलेज इलाहाबाद और बांदा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन कराने का झांसा दिया था।
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ठगी की इस घटना को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने इलाहाबाद के स्वरूपरानी हॉस्पिटल के कमरे का इस्तेमाल किया। गोवर्धन लाल ने बताया कि स्वरूपरानी हॉस्पिटल के जिस कमरे में उन्हें ले जाकर फर्जीवाड़ा किया गया, वह कमरा कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन में बंद कर दिया गया था। मगर वहां के स्टाफ की सांठगांठ से आरोपियों ने उस कमरे को खुलवा लिया और वहां फर्जी व्यक्तियों को डॉ. हर्षवर्धन और डॉ. एसके शर्मा बनाकर बैठा दिया, जिससे वह आसानी से ठगी के शिकार हो गए। उन्होंने अस्पताल के इन कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है।

15 दिन में लिखी जा सकी रिपोर्ट

पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी गोवर्धन लाल काफी आहत हैं। बताया कि उन्होंने तीन फरवरी को एसएसपी कार्यालय में शिकायतीपत्र दिया था, जिसकी जांच सीओ को सौंप दी गई और 19 फरवरी की रात उनकी रिपोर्ट दर्ज हुई। इस तरह प्रार्थनापत्र की जांच के नाम ही पुलिस इस मामले को 15 दिन से ज्यादा उलझाए रही। उनका कहना है जब प्रार्थनापत्र में पुलिस ने इतने दिन मामला लटकाया तो कार्रवाई में कितना समय लगाएगी।

बहेड़ी में कराया चेक का भुगतान

गोवर्धन लाल ने बताया कि उन्होंने आरोपियों को एक लाख रुपये का चेक दिया था, जिसे पंकज खटीक ने 21 जनवरी 2021 को बहेड़ी के सूदनपुर में जाकर बैंक शाखा से भुगतान करा लिया। भुगतान के लिए उसने जिस आधार कार्ड का इस्तेमाल किया, उस पर महोबा में गांधीनगर, इलाहाबाद बैंक के सामने का पता दर्ज है।

नेशनल मेडिकल काउंसिल का देते रहे झांसा

गोवर्धन लाल के मुताबिक आरोपियों ने कोर्ट केस का हवाला देकर मोतीलाल नेहरू कॉलेज के सारे एडमिशन कैंसिल होने की बात कही। इस पर उन्होंने आरोपियों से रुपये वापस मांगे तो वे लोग टहलाने लगे। काफी समय तक नेशनल मेडिकल काउंसिल में ऊंचे संबंधों का हवाला देकर काम कराने की बात कही। फिर रुपये वापस करने को कहा और गायब हो गए।

अस्पताल के कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कराई जाएगी। दोषी मिले कर्मचारियों के नाम विवेचना में सम्मिलित कर कार्रवाई की जाएगी। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी

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