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आईएमए चुनाव : रीकाउंटिंग टालकर डॉ. मनोज को बनाया अध्यक्ष, डॉ. गंगवार बोले- कोर्ट जाऊंगा

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बरेली। आईएमए अध्यक्ष पद पर चुनाव का मामला सोमवार को और ज्यादा उलझ गया। रविवार को मतगणना के बाद डॉ. मनोज अग्रवाल को विजयी घोषित करने के खिलाफ आपत्ति करने पर सोमवार को दोबारा मतगणना पर फैसला करने के लिए बैठक बुलाने के बाद भी बैठक नहीं हुई तो पराजित बताए जा रहे प्रत्याशी डॉ. डीपी गंगवार ने अदालत जाने की चेतावनी दे दी। इस घटनाक्रम के बाद आईएमए में एक बार फिर जोरदार हलचल शुरू हो गई है।
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रविवार को दिन में आईएमए के विभिन्न पदों पर चुनाव के लिए मतदान के बाद देर शाम मतगणना हुई थी। दूसरे पदों के साथ अध्यक्ष पद पर डॉ. मनोज अग्रवाल को 15 वोटों से विजयी बताया गया तो उनके प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी डॉ. डीपी गंगवार ने इस पर आपत्ति करते हुए दोबारा मतगणना की मांग की। इससे पहले उपाध्यक्ष पद के लिए हुए मतदान में चूक हुई थी और इस पद के प्रत्याशी डॉ. एमडी छाबड़िया और डॉ. हिमांशु अग्रवाल दोनों को पहले बराबर-बराबर 217 वोट मिलने की बात कही गई लेकिन दोबारा मतगणना हुई तो डॉ. हिमांशु को डॉ. छाबड़िया से 17 वोट ज्यादा मिले। इस वजह से अध्यक्ष पद के नतीजे पर डॉ. गंगवार की आपत्ति के बाद मामला उलझ गया। इलेक्शन कमेटी के चेयरमैन डॉ. पवन ने रविवार देर रात डॉ. गंगवार की आपत्ति पर फैसला लेने के लिए सोमवार को बैठक बुलाने की बात कही थी, लेकिन सोमवार को यह बैठक नहीं हुई तो हलचल शुरू हो गई। शाम को डॉ. गंगवार ने चेतावनी दी कि अगर उनकी आपत्ति पर फैसला न हुआ तो वह इस मामले में अदालत जाएंगे।
फोन पर आपत्ति करने के बाद अध्यक्ष पद
का आनन-फानन में घोषित किया नतीजा
आईएमए चुनाव में 15 वोटों से पराजित बताए जा रहे प्रत्याशी डॉ. गंगवार का कहना है कि रविवार देर शाम उन्हें जब 15 वोटों से हारा बताया गया तो वह इसे जनादेश के तौर पर स्वीकार कर घर चले गए थे। रास्ते में ही उन्हें पता चला कि उपाध्यक्ष पद के जिन प्रत्याशियों को बराबर वोट मिलना बताया जा रहा था, दोबारा मतगणना के बाद उनके बीच 17 वोटों का अंतर निकला है। इसके बाद मतगणना पर शक हुआ तो वह घर जाने के बजाय आईएमए लौटे। रास्ते से ही इलेक्शन कमेटी के अध्यक्ष डॉ. पवन को फोन कर दिया कि वह अध्यक्ष पद पर भी दोबारा मतगणना चाहते हैं लेकिन वह जब तक आईएमए पहुंचे, तब तक नतीजा घोषित कर दिया गया जबकि इस समय तक उपाध्यक्ष पद की दोबारा मतगणना की जा रही थी। इसके बाद उनकी आपत्ति को यह कहकर अटका दिया गया कि उपाध्यक्ष पद की मतगणना पर नतीजा घोषित होने के पहले आपत्ति आई थी और उनकी आपत्ति नतीजा घोषित होने के बाद आई है। डॉ. गंगवार ने कहा कि अगर उपाध्यक्ष पद पर 17 वोटों का अंतर निकल सकता है तो उनके चुनाव में 15 वोटों का अंतर क्यों गलत नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि बाईलॉज में नियम है कि आपत्ति करने के बाद तीन दिन के अंदर मतगणना करानी पड़ेगी, यदि ऐसा नहीं हुआ तो उनके पास अदालत जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।
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डॉ. गंगवार के सामने ही हुई थी मतगणना, अब
डॉ. मनोज अध्यक्ष, आपत्ति पर फैसला बाद में
आईएमए की इलेक्शन कमेटी के अध्यक्ष डॉ. पवन अग्रवाल ने बताया कि अध्यक्ष पद की पूरी मतगणना प्रत्याशी डॉ. डीपी गंगवार के सामने ही हुई थी। उनके कई समर्थक भी इस दौरान मौजूद रहे थे। फिर भी उन्हें किसी ने भड़का दिया, इसलिए वह मतगणना के नतीजों पर आपत्ति कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उपाध्यक्ष पद की मतगणना पर नतीजा घोषित होने से पहले ही आपत्ति कर दी गई थी, इसलिए उस पर दोबारा मतगणना कराने का तुरंत फैसला ले लिया गया। डॉ. गंगवार मतगणना के बाद घर चले गए थे और काफी देर बाद उन्होंने दोबारा लौटकर आपत्ति की। तब तक अध्यक्ष पद का परिणाम घोषित किया जा चुका था। फिर भी उनकी आपत्ति को विचार के लिए मंजूर किया जा चुका है। हालांकि बैठक के लिए अभी कार्यक्रम तय नहीं है। डॉ. पवन ने बताया कि डॉ. मनोज को अध्यक्ष पद पर विजेता घोषित किया जा चुका है। यह जरूरी नहीं कि डॉ. गंगवार की आपत्ति पर दोबारा मतगणना का फैसला हो। इसलिए फिलहाल तो डॉ. मनोज अग्रवाल ही अध्यक्ष के विजयी उम्मीदवार हैं।
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