आईएमए में अक्सर गुटबाजी की खबरें आती हैं। यह चुनाव के समय और बढ़ जाती है। इसलिए इस बार यह प्रस्ताव लाया जा रहा है कि सर्वसम्मति से आईएमए का अध्यक्ष चुना जाए। वोटिंग न हो। इसके लिए सभी सदस्याें से बातचीत की जा रही है। अगर सभी सदस्य राजी हो गए तो मतदान नहीं होगा।
30 सितंबर को पुरानी टीम का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। एक से आठ सितंबर तक नामाकंन मांगे गए हैं। चुनाव 18 सितंबर को है। इस बार मतदान न कराने को लेकर दो से तीन बार चर्चा हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं आया है। आम सहमति इस पर है कि आईएमए अध्यक्ष का चुनाव बिना मतदान के ही हो। ताकि गुटबाजी जैसी बात न रह जाए। सभी सदस्य इस पर चर्चा करें और डॉक्टर्स भी अपनी राय दें। नामिनेशन के बाद भी इस पर चर्चा जारी रहेगी। 18 सितंबर को आईएमए अपना पत्ता खोल सकती है। इलेक्शन कमेटी में शामिल चार पुराने अध्यक्ष जिसमें डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. अंशू अग्रवाल, डॉ. खंडूजा, रवि खन्ना व नये अध्यक्ष डॉ. रवीश अग्रवाल इसका निर्णय लेंगे।
महिला आईएमए अध्यक्ष की डिमांड
पिछले कई वर्षों से आईएमए बरेली में महिला अध्यक्ष नहीं बनी हैं। इनके नामांकन भी कम आए हैं। अध्यक्ष का पद अति सक्रिय होने के चलते इससे महिला डॉक्टर कटती रही हैं, लेकिन इस बार उम्मीद जताई जा रही है कि अध्यक्ष पद के लिए महिला डाक्टरों की एंट्री हो।
वर्जन
प्रयास है कि इस बार चुनाव न हो बल्कि आम सहमति से अध्यक्ष को चुना जाए। बात रखी जा चुकी है, आगे देखते हैं।
डॉ. रवीश अग्रवाल, अध्यक्ष व चुनाव कमेटी के मेंबर