बरेली। बढ़ता तापमान सेहत पर भारी पड़ रहा है। शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी समेत बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष में मरीजों की कतार रही। 30 बेड के वार्ड में 32 बच्चे भर्ती रहे। एक बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज हुआ।
एडी एसआईसी डॉ. आरसी दीक्षित के मुताबिक, तापमान के उतार-चढ़ाव के दौरान बड़े और बच्चों दोनों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। खानपान में जरा सी बेपरवाही से पेट में संक्रमण, अपच, कब्ज की समस्या होती है। पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की रोग प्रतिरोधी क्षमता पहले से ही कम होती है। खानपान के साथ खेल-खेल में दूषित वस्तुओं के मुंह में पहुंचने से संक्रमण की आशंका रहती है। तापमान के साथ नमी की अधिकता के दौरान बैक्टीरिया और वायरस तेजी से फैलते हैं। इसलिए सावधानी रखने की जरूरत होती है।
बताया कि वार्ड में बेड नहीं बढ़ाए जा सकते हैं, लेकिन अभिभावकों की सहमति पर एक बेड पर दो बच्चे भर्ती कर इलाज करना पड़ रहा है। जिनकी हालत में सुधार हो रहा है, उन्हें डिस्चार्ज कर उनकी जगह दूसरे को बेड दिया जा रहा है।