घरों में कैद हुए ग्रामीण
कार्रवाई के दौरान भारी तादात में पुलिस की तैनाती की गई थी। हंगामे की आशंका को देखते हुए पुलिस ने ग्रामीणों को घरों से नहीं निकलने दिया। इस वजह से जरूरी काम से जाने वाले लोग भी परेशान हुए। कार्रवाई को लेकर कई ग्रामीण आक्रोशित दिखे। मगर पुलिस की मौजूदगी की वजह से वह विरोध नहीं कर पाए।
सात घंटे चली कार्रवाई
अवैध भवन को ध्वस्त करने की कार्रवाई सुबह नौ बजे शुरू हुई। शाम करीब चार बजे तक मलबा हटाने का काम जारी रहा। कई डंपर के जरिये मलबा गांव से बाहर भेजा गया।