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Bareilly News: स्कूल और तालाब की जमीन पर अवैध कब्जे होते रहे...अधिकारी सोते रहे

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बरेली। नगर निगम क्षेत्र में स्कूल और तालाब की जमीनों पर कब्जे होते रहे और अधिकारी सोते रहे। कार्रवाई के नाम पर नोटिस देकर खानापूर्ति की गई। वह भी तब जब नगर निगम के सदन की बैठक में पार्षद बार-बार अवैध कब्जे हटाने की मांग करते रहे। मंगलवार को पड़ताल के दौरान यह स्थिति सामने आई।
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शाहबाद में अधिकारियों की अनदेखी के चलते सरकारी स्कूल और डेलापीर और महेशपुर ठाकुरान समेत कई इलाकों में करोड़ों रुपये की जमीन पर अवैध कब्जे हो गए है। दो तालाबों की 2000 मीटर जमीन पर कब्जे की पुष्टि तो नगर निगम कर चुका है, लेकिन तमाम कब्जे ऐसे हैं, जो अभी चिह्नित नहीं हुए। अब जब उच्च न्यायालय ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को प्रकृति और संविधान पर हमला मानते हुए स्पष्ट किया कि अब कागजी कार्रवाई नहीं चलेगी और प्रदेश में 90 दिनों में कब्जे हटाने होंगे। पार्षदों का कहना है कि इस आदेश से उम्मीद जगी है। ब्यूरो


फैक्ट फाइल

1827200 वर्ग मीटर है नगर निगम की जमीन

434300 वर्ग मीटर जमीन पर हैं तालाब

अवैध निर्माण पर निगरानी का सिस्टम नहीं, इसलिए होते रहे कब्जे
अतीत में शहर से लगे 48 गांव अब अब नगर निगम सीमा क्षेत्र का हिस्सा हैं। अधिकतर तालाब इन्हीं गांवों के रकबे में थे जो अब नगर निगम का हिस्सा हैं लेकिन किस तालाब के कितने हिस्से में मकान बने हैं और किस हिस्से पर कितनी जमीन पर अवैध कब्जा है। नगर निगम के पास कोई समन्वित रिकार्ड नहीं है। अवैध कब्जे चिह्नित करने के लिए कोई प्रभावी सिस्टम नहीं है। उदयपुर खास, हरुनगला, जगतपुर लाल बेगम, पीर बहोड़ा, परतापुर जीवन सहाय, परता पुर चौधरी, बाकरगंज, सैदपुर हॉकिंस, शिकारपुर चौधरी, पवन विहार समेत कई वार्डों में सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जे सामने आए हैं।
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यह है स्थिति
डेलापीर में तलाब की जमीन पर बने मकान

डेलापीर तालाब की जमीन पर नौ मकान बने और बस्ती सा नजारा बन गया। मौके पर मिले लोगों का दावा था वे वर्षों से रहे रहे हैं। अब तक नगर निगम सिर्फ नोटिस थमा पाया है।
स्कूल की जमीन पर 27 आशियाने
कोहाड़ापीर के निकट शाहबाद में प्राइमरी स्कूल की जमीन पर एक-एक करके 27 मकान बने और 1540 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा सामने आया। अगर पार्षद शालिनी जौहरी बार बार इस मुद्दे को न उठाती तो यही हाल रहता। महेशपुर ठाकुरान में तालाब की जमीन पर चार मकान बने। 500 वर्ग मीटर पर अवैध कब्जा है। वार्ड 10 बड़ी बिहार में नगर निगम की जमीन पर मकान और धर्मस्थल हैं। वार्ड 19 कंंजादासपुर के आलोक नगर में अवैध निर्माण होते रहे।
पार्षदों के वर्जन-
नगर आयुक्त निवास के निकट के क्षेत्र में अवैध तरीके से सरकारी जमीन पर लोगों ने रैंप बनाए हैं। इसके अलावा मेरे वार्ड सिकलापुर में नाले पर पक्का निर्माण है। - जयप्रकाश, पार्षद
अवैध कब्जे हटाने में सिर्फ खानापूर्ति न होती तो अब तक कब्जे हट जाते। मैं चाहता हूं कि कब्जे हटें और सरकारी जमीन का जनहित में उपयोग किया जाए। - नरेंद्र कुमार, उपसभापति
फाइक एन्क्लेव हो या शहर के अन्य हिस्से हों, सभी जगह अवैध कब्जे हैं। कब्जों की वजह से रास्ते सकरे हो गए। अगर अब भी नहीं सुनते हैं तो नगर निगम के सदन में मामले गूंजेंगे। - छंगामल, पार्षद
स्वालेनगर में वाल्मीकि बस्ती के पीछे और पानी की टंकी के पास सरकारी जमीन पर मकान बन गए। अगर अपनी जमीन की निगरानी नगर निगम कर रहा होता तो कब्जे नहीं होते। - रंजीत वाल्मीकि, पार्षद

तालाब और अन्य सार्वजनिक जमीनों को चिह्नित करके मौके की स्थिति दिखवा रहे हैं। सभी जमीनों पर नगर निगम की संपत्ति का बोर्ड लगेगा। अगर कहीं अवैध कब्जे हैं तो उन्हें चिह्नित कर हटवाने के लिए नगर निगम कानूनी प्रक्रिया को अपना रहा है। समय-समय नोटिस जारी किए गए हैं। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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