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Bareilly News: अवैध निर्माण होते रहे और जिम्मेदार सोते रहे, बवाल के बाद आई कार्रवाई की याद

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जब निर्माण हुए तब सीलिंग की कार्रवाई नहीं की गई, सिर्फ खानापूरी हुई
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बरेली। बरातघर से लेकर आवासीय भवन तक एक दिन में नहीं बनते। इसमें महीनों लगते हैं। पूर्व में शहर में अवैध निर्माण होते रहे और अफसर सोते रहे। कार्रवाई के नाम पर सिर्फ कागजों पर खानापूरी की। अब बवाल के बाद अचानक उनकी नींद टूटी है। अवैध निर्माण पर धड़ाधड़ कार्रवाई की जा रही है।
बवाल के आरोपी मौलाना तौकीर रजा के करीबी डॉ. नफीस का बरातघर अवैध तरीके से चल रहा था। नौमहला मस्जिद के पास अवैध तरीके से दुकानों का निर्माण किया गया था। नरियावल में शराफत का बरातघर भी अवैध तरीके से बनाए जाने की पुष्टि हो चुकी है। फाइक एन्क्लेव में फरहत ने अवैध तरीके से आवास बनाया। ये चारों मामले सिर्फ नजीर हैं। ऐसे अनेक मामले हैं, जिनमें अधिकारियों की अनदेखी हावी रही। अगर बीडीए के अधिकारी और उनका सिस्टम ठीक होता तो निर्माण के दौरान ही इन्हें सील किया जा सकता था। दूसरी ओर, बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ने शनिवार को एक बार फिर दावा किया कि बीडीए रुटीन में अवैध कब्जों के खिलाफ नोटिस, सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नियमित तौर पर करता रहता है। जो मामले सामने आए हैं उन सभी पर कार्रवाई की गई है।
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सैलानी, फाईक एन्क्लेव से लेकर जखीरा तक आशंकित रहे लोग, बोलने से किया परहेज

बरेली। भारी पुलिसबल की मौजूदगी में बीडीए और नगर निगम की कार्रवाई के दौरान सैलानी, फाइक एन्क्लेव से लेकर जखीरा तक लोग आशंकित रहे। डर की वजह से बोलने से भी परहेज किया। मीडियाकर्मियों के कुरेदने पर भी वे चुप रहे। कुछ लोग इतना जरूर बोले- अगर अतिक्रमण हटा रहे हैं तो इसमें गलत क्या है। यह तो होना ही चाहिए। वहीं, कई लोगों ने कहा कि इस समय बोलना उचित नहीं। खामोशी में ही भलाई है। ब्यूरो
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