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Bareilly News: खंडहर में बना रहे थे 'मौत का सामान', हिस्ट्रीशीटर समेत छह गिरफ्तार, हथियारों का जखीरा बरामद

Thu, 20 Mar 2025 07:41 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में अवैध असलहा बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। यह गिरोह कैंट थाने की नकटिया चौकी क्षेत्र में कृष्णा कॉलोनी के समीप खंडहर में असलहा बनाता था। बुधवार रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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मौके से बरामद हुए असलहा और कारतूस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के बारादरी थाने का हिस्ट्रीशीटर राजेंद्र उर्फ चिरकुंडा अपने गिरोह के साथ कैंट थाना क्षेत्र के खंडहर में अवैध शस्त्रों की फैक्टरी चला रहा था। कैंट थाना पुलिस ने बुधवार रात छापा मारकर चिरकुंडा समेत उसके गिरोह के छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने खंडहर से कई बने और अधबने हथियार समेत 37 कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए हैं।

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एसपी सिटी मानुष पारीक ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि मुखबिर की सूचना पर कैंट पुलिस ने नकटिया क्षेत्र में कृष्णा कॉलोनी के पास खंडहर में छापा मारा। खंडहर में कालीबाड़ी निवासी हिस्ट्रीशीटर राजेंद्र उर्फ चिरकुंडा, राजेश, आकाश व कालीबाड़ी हाता फाल्तूनगंज निवासी अभिषेक, अक्षय और प्रेम उर्फ किच्छू अवैध हथियार बनाते हुए पकड़े गए। पुलिस ने सभी लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया है। पकड़े गए छह बदमाशों को जेल भेजा गया है।

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खंडहर में बनाते थे बंदूक-तमंचे, मरम्मत भी करते थे
सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव ने खुलासे के दौरान बताया कि हिस्ट्रीशीटर राजेंद्र उर्फ चिरकुंडा और उसके साथी खंडहर में अवैध देशी बंदूकें और तमंचे बनाने के साथ ही पुराने अवैध हथियारों की मरम्मत भी करते थे। चिरकुंडा गिरोह का बड़ा नेटवर्क गंगापुर, कालीबाड़ी और सिकलापुर में है। इसलिए चिरकुंडा अवैध हथियारों को बड़े पैमाने पर इन इलाकों में सप्लाई करता था। सुराग मिला है कि शहर के बाहर भी अवैध हथियारों की सप्लाई की जाती थी। चिरकुंडा और उसके साथियों से पूछताछ की जा रही है कि इन लोगों से बड़े पैमाने पर अवैध हथियार किस-किसने खरीदे हैं। पुलिस अवैध हथियार खरीदने वालों पर भी शिकंजा कसेगी।

शातिर अपराधी है चिरकुंडा, कालीबाड़ी इलाके में बड़ा नेटवर्क
राजेंद्र उर्फ चिरकुंडा पर मादक पदार्थों की तस्करी, जुआ, सट्टा, शराब तस्करी, आर्म्स एक्ट आदि के कई मुकदमे दर्ज हैं। उस पर जेबकतरों का अंतरराज्यीय गिरोह चलाने के आरोप भी लगते रहे हैं। चिरकुंडा बारादरी क्षेत्र के कालीबाड़ी और गंगापुर क्षेत्र में सक्रिय रहता था। 2019 में तस्करी को लेकर हुए विवाद में चिरकुंडा के श्यामगंज में गोली भी मारी गई थी। अस्पताल में कुछ दिन इलाज चलने के बाद चिरकुंडा दोबारा अपराध में सक्रिय हो गया। अब चिरकुंडा और उसके साथी अवैध हथियारों का निर्माण कर तस्करी कर रहे थे। इस आमदनी से जीवनयापन कर रहे थे। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।

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आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी देते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
अफसरों की कृपा से कैंट पुलिस की झोली में आया गुडवर्क
हाल ही में सिकलापुर चौराहे पर घर के अंदर सोते वक्त दयाशंकर नाम के आरोपी की गोली मारकर हत्या की गई थी। दयाशंकर की हत्या में उनका भतीजा रितिक गिरफ्तार किया गया था। रितिक को जेल भेजने से पहले कोतवाली पुलिस ने उससे पूछताछ की थी। रितिक के पास मौजूद तमंचे के बारे में जानकारी की गई। पता लगा कि रितिक का उस्ताद राहुल शिकंजी है जो सिरौली थाने से जेल भेजा गया है। 
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राहुल ही हथियारों का सौदागर है और दिखावे के लिए बरेली कॉलेज के बाद गोलगप्पे व शिकंजी का ठेला लगवाता है। रितिक भी गोलगप्पे बनवाकर उसी को सप्लाई करता था। रितिक को तमंचा भी राहुल ने ही दिया था। पता लगा कि राहुल और चिरकुंडा ने साझे में हथियार बनाने की फैक्टरी खोल रखी है। पुलिस ने उससे जानकारी जुटाई तो पता लगा कि यह काम कैंट इलाके में किया जा रहा है। एसपी सिटी ने कैंट पुलिस को लोकेशन और निर्देश दिए तो इंस्पेक्टर राजेश यादव की टीम ने गुडवर्क कर लिया।
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