शातिर अपराधी है चिरकुंडा, कालीबाड़ी इलाके में बड़ा नेटवर्क
राजेंद्र उर्फ चिरकुंडा पर मादक पदार्थों की तस्करी, जुआ, सट्टा, शराब तस्करी, आर्म्स एक्ट आदि के कई मुकदमे दर्ज हैं। उस पर जेबकतरों का अंतरराज्यीय गिरोह चलाने के आरोप भी लगते रहे हैं। चिरकुंडा बारादरी क्षेत्र के कालीबाड़ी और गंगापुर क्षेत्र में सक्रिय रहता था। 2019 में तस्करी को लेकर हुए विवाद में चिरकुंडा के श्यामगंज में गोली भी मारी गई थी। अस्पताल में कुछ दिन इलाज चलने के बाद चिरकुंडा दोबारा अपराध में सक्रिय हो गया। अब चिरकुंडा और उसके साथी अवैध हथियारों का निर्माण कर तस्करी कर रहे थे। इस आमदनी से जीवनयापन कर रहे थे। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।
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आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी देते पुलिस अधिकारी
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राहुल ही हथियारों का सौदागर है और दिखावे के लिए बरेली कॉलेज के बाद गोलगप्पे व शिकंजी का ठेला लगवाता है। रितिक भी गोलगप्पे बनवाकर उसी को सप्लाई करता था। रितिक को तमंचा भी राहुल ने ही दिया था। पता लगा कि राहुल और चिरकुंडा ने साझे में हथियार बनाने की फैक्टरी खोल रखी है। पुलिस ने उससे जानकारी जुटाई तो पता लगा कि यह काम कैंट इलाके में किया जा रहा है। एसपी सिटी ने कैंट पुलिस को लोकेशन और निर्देश दिए तो इंस्पेक्टर राजेश यादव की टीम ने गुडवर्क कर लिया।