फाइब्रोसिस बने तो ऑक्सीजन पर रहता है मरीज
साइंटिफिक चेयरमैन डॉ. सुदीप सरन के मुताबिक, लक्षणों को लगातार नजरंदाज करने से फेफड़ों में फाइब्रोसिस बनता है। इससे जरा सी एलर्जी भी बेहद तकलीफदेह होती है। व्यक्ति ऑक्सीजन पर रहता है। समय पर रोग का पता चलने पर इलाज मुमकिन है। अस्थमा रेमिसन बायोलॉजिकल ट्रीटमेंट होता है। ये एंटीबॉडी टारगेटेड मेडिसिन सिर्फ उस तत्व से निजात दिलाती है जो रोग का कारक है। शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता।